लगातार बिकवाली का दौर जारी
Shakti Press Limited में बड़े शेयरहोल्डर सुरेश कुमार शर्मा ने अपनी हिस्सेदारी बेचने का सिलसिला जारी रखा है। ताजा जानकारी के अनुसार, शर्मा 8,583 शेयर बेचेंगे, जो उनकी मौजूदा हिस्सेदारी का 0.244% है। यह लेन-देन 20 अप्रैल 2026 को पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद प्रिंटिंग और पैकेजिंग कंपनी में उनकी कुल हिस्सेदारी 2.539% रह जाएगी।
यह कोई नई बात नहीं है, क्योंकि शर्मा ने इसी अप्रैल महीने की शुरुआत में भी 12,037 शेयर बेचकर अपनी हिस्सेदारी 0.342% कम की थी। तब उनकी होल्डिंग 3.125% से घटकर 2.783% हो गई थी। इस तरह, उनकी लगातार बिकवाली कंपनी में उनकी घटती हिस्सेदारी को दर्शाती है।
बड़े शेयरहोल्डर्स द्वारा लगातार शेयर बेचने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि लिक्विडिटी की जरूरत या कंपनी के भविष्य को लेकर अलग राय। ऐसे कदम अक्सर निवेशकों की भावना को प्रभावित कर सकते हैं।
कंपनी का बैकग्राउंड और चुनौतियां
Shakti Press Limited, जिसकी स्थापना 1993 में हुई थी, मध्य भारत में प्रिंटिंग और पैकेजिंग क्षेत्र की एक अहम कंपनी है। यह कार्टन, बॉक्स और स्टेशनरी जैसे उत्पाद बनाती है। हालांकि, पिछले पांच सालों में कंपनी ने धीमी बिक्री वृद्धि और इक्विटी पर कम रिटर्न जैसी वित्तीय चुनौतियों का सामना किया है। पिछले साल मार्च 2026 में, BSE ने भी कंपनी के शेयरों में बड़ी उथल-पुथल को लेकर सवाल पूछे थे, जिस पर कंपनी ने बाजार के कारकों को जिम्मेदार ठहराया था।
इस नई बिक्री से सुरेश कुमार शर्मा की सीधी हिस्सेदारी के साथ-साथ प्रमोटर ग्रुप की कुल हिस्सेदारी में भी थोड़ी कमी आएगी।
निवेशक इस बिकवाली के पैटर्न को नकारात्मक रूप से देख सकते हैं, खासकर अगर यह जारी रहती है। Shakti Press, Flair Writing Industries Ltd., Navneet Education Ltd., और Doms Industries Ltd. जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।
आंकड़ों की बात करें तो, 31 मार्च 2025 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए, Shakti Press Ltd. ने ₹13.1 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था। 16 अप्रैल 2026 तक, कंपनी की मार्केट कैप लगभग ₹9 करोड़ थी।
निवेशक अब 20 अप्रैल 2026 को शेयर बिक्री की पुष्टि का इंतजार करेंगे। इसके अलावा, शर्मा की आगे की होल्डिंग योजनाओं, कंपनी की बिक्री बढ़ाने और मुनाफा कमाने की कोशिशों, और किसी भी कॉरपोरेट एक्शन पर भी नजर रखेंगे।
