Sanofi India: शेयरहोल्डर्स के फैसलों पर टिकी निगाहें
Sanofi Consumer Healthcare India अपने शेयरहोल्डर्स से महत्वपूर्ण मंजूरी जुटाने की तैयारी में है। कंपनी Opella Healthcare संस्थाओं के साथ 31 दिसंबर, 2026 को समाप्त होने वाले फाइनेंशियल ईयर के लिए लगभग ₹461 करोड़ के संबंधित पक्षों के साथ सौदों (related party transactions) को अंतिम रूप देना चाहती है। साथ ही, कंपनी अपने नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स और मैनेजिंग डायरेक्टर Mr. Himanshu Bakshi के लिए नए वेतन पैकेजों को भी शेयरहोल्डर्स की मंजूरी दिलाने की कोशिश में है।
मुख्य प्रस्ताव क्या हैं?
कंपनी ने शेयरहोल्डर्स से Opella Healthcare India Limited के साथ ₹120 करोड़ तक के सौदों और Opella Healthcare International SAS के साथ ₹341.4 करोड़ तक के सौदों को मंजूरी देने का आग्रह किया है। ये सभी सौदे 31 दिसंबर, 2026 को समाप्त होने वाले फाइनेंशियल ईयर के लिए हैं।
इसके अलावा, कंपनी नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स के लिए नए भुगतान नियमों को भी पारित कराना चाहती है। इसमें 5 साल ( 1 जनवरी, 2025 से 31 दिसंबर, 2029 तक) की अवधि के लिए नेट प्रॉफिट का 1% तक कमीशन भुगतान शामिल है। मैनेजिंग डायरेक्टर Mr. Himanshu Bakshi के लिए भी, बेस सैलरी, स्पेशल अलाउंस, परफॉर्मेंस बोनस और ग्लोबल लॉन्ग-टर्म इंसेंटिव (LTI) जैसे कंपोनेंट्स को मंजूरी के लिए रखा गया है।
ई-वोटिंग का पूरा शेड्यूल
इन प्रस्तावों पर शेयरहोल्डर्स की ई-वोटिंग 24 मार्च, 2026 से शुरू होकर 22 अप्रैल, 2026 तक चलेगी। कंपनी को उम्मीद है कि वोटिंग के नतीजे 24 अप्रैल, 2026 तक घोषित कर दिए जाएंगे।
मंजूरी क्यों जरूरी है?
ये मंजूरियां Sanofi Consumer Healthcare India के ऑपरेशंस को Opella Healthcare ग्रुप के साथ बेहतर तरीके से जोड़ने और रेवेन्यू ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए अहम हैं। डायरेक्टर्स के वेतन में प्रस्तावित बदलावों का मकसद उनके मुआवजे को प्रदर्शन से जोड़ना, बाजार के मानकों के अनुरूप लाना और कंपनी में प्रतिभा को बनाए रखना है, जिससे नेतृत्व में स्थिरता बनी रहे।
कंपनी का बैकग्राउंड
Sanofi Consumer Healthcare India लिमिटेड की स्थापना मई 2023 में हुई थी और यह Sanofi India Limited का ही एक हिस्सा था। कंपनी संबंधित पक्षों के साथ सौदों के प्रबंधन के लिए एक औपचारिक नीति का पालन करती है। यह ध्यान देने योग्य है कि Sanofi ने 2024 के अंत में Opella Healthcare ग्रुप में अपनी 50% हिस्सेदारी प्राइवेट इक्विटी फर्म CD&R को बेची थी, हालांकि Sanofi की अभी भी इसमें बड़ी हिस्सेदारी है।
हाल की वित्तीय स्थिति
Sanofi Consumer Healthcare India ने Q1 FY2025 में ₹500 मिलियन का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स दर्ज किया। यह पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 20% कम था, लेकिन पिछली तिमाही (Q4 2024) की तुलना में 12.9% ज़्यादा था। कंपनी का कुल खर्च पिछले साल की तुलना में 12.10% घटा है, जिसका मुख्य कारण मटेरियल की खपत और अन्य परिचालन खर्चों में कमी है।
जोखिम और आगे क्या?
शेयरहोल्डर्स के वोट का नतीजा इस प्रक्रिया में सबसे बड़ा जोखिम है। यदि आवश्यक बहुमत नहीं मिलता है, तो कंपनी को प्रस्तावित सौदों और वेतन योजनाओं पर फिर से विचार करना पड़ सकता है।
