फाइलिंग में क्या है खास?
3 अप्रैल, 2026 को SEBI (टेकओवर) रेगुलेशन के तहत कंपनी ने एक डिस्क्लोजर फाइल किया है। इसमें बताया गया है कि 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में प्रमोटर्स ने अपने किसी भी शेयर को नए सिरे से गिरवी नहीं रखा है। पहले से जो शेयर गिरवी थे, उनकी स्थिति वैसी ही बनी हुई है।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
किसी भी कंपनी के प्रमोटर ग्रुप की वित्तीय सेहत और जोखिम का आकलन करने के लिए ऐसे खुलासे बहुत अहम होते हैं। नए शेयर गिरवी न रखने का मतलब है कि प्रमोटर्स ने अपनी हिस्सेदारी पर और कर्ज नहीं लिया है। यह कंपनी के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जाता है, खासकर एक माइक्रो-कैप कंपनी के लिए जो ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट सेक्टर में काम करती है।
कंपनी का प्रोफाइल
SMT Engineering Ltd, जिसे पहले Adarsh Mercantile Limited के नाम से जाना जाता था, ट्रेडिंग और डिस्ट्रीब्यूशन के क्षेत्र में काम करती है। इसकी एक सब्सिडियरी प्लास्टिक मशीनरी बनाती है। कंपनी अप्रैल 1992 में इनकॉर्पोरेट हुई थी। फरवरी 2026 में, कंपनी ने नॉन-प्रमोटर निवेशकों से प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए लगभग ₹34.88 करोड़ जुटाए थे। शुरुआती 2026 के शेयरहोल्डिंग डेटा के अनुसार, प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 67.44% से 73.77% के बीच थी।