SEBI के बदले नियमों के तहत, SMC Global Securities को 'लार्ज कॉर्पोरेट' का दर्जा नहीं दिया जाएगा। यह फैसला कंपनी के ₹552.04 करोड़ के लॉन्ग-टर्म कर्ज पर आधारित है, जो ₹1000 करोड़ की निर्धारित सीमा से काफी नीचे है। कंपनी की क्रेडिट रेटिंग [ICRA]A (Stable)/[ICRA]A1+ बनी हुई है।
इस वर्गीकरण से SMC Global Securities को बड़े कॉरपोरेट्स पर लागू होने वाले सख्त डिस्क्लोजर (Disclosure) और कंप्लायंस (Compliance) नियमों से छूट मिल गई है। इससे कंपनी को अपनी रिपोर्टिंग और अनुपालन की प्रक्रिया आसान बनाने में मदद मिलेगी, और वे अपने मुख्य बिजनेस ऑपरेशंस पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
SEBI ने अक्टूबर 2023 में 'लार्ज कॉर्पोरेट' फ्रेमवर्क को संशोधित किया था, जिसके तहत लॉन्ग-टर्म कर्ज की सीमा ₹100 करोड़ से बढ़ाकर ₹1000 करोड़ कर दी गई थी। साथ ही, क्रेडिट रेटिंग की जरूरत को 'AA और उससे ऊपर' से बढ़ाकर 'AA/AA+/AAA' कर दिया गया था। यह बदलाव 1 अप्रैल, 2024 से प्रभावी हुआ।
SMC Global Securities, जिसकी स्थापना 1990 में हुई थी, एक डाइवर्सिफाइड फाइनेंशियल सर्विसेज फर्म है जो ब्रोकरेज, वेल्थ मैनेजमेंट और इंश्योरेंस जैसी सेवाएं प्रदान करती है।
'लार्ज कॉर्पोरेट' न होने का मतलब है कि कंपनी को भविष्य में डेट इश्यू (Debt Issuance) की योजनाओं के बारे में अनिवार्य खुलासे नहीं करने होंगे। साथ ही, कंपनी को अपने बढ़ते कर्ज का एक खास हिस्सा लिस्टेड डेट सिक्योरिटीज के जरिए जुटाने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे एडमिनिस्ट्रेटिव बोझ कम होगा और मैनेजमेंट अपने संसाधनों को बिजनेस ग्रोथ पर केंद्रित कर सकेगा।
रिवVISED SEBI फ्रेमवर्क के तहत, 'लार्ज कॉर्पोरेट' माने जाने के लिए ₹1000 करोड़ या उससे अधिक का लॉन्ग-टर्म कर्ज और 'AA/AA+/AAA' क्रेडिट रेटिंग होना जरूरी है। SMC Global Securities का ₹552.04 करोड़ का कर्ज इस बेंचमार्क से काफी नीचे है। इस मामले में, Motilal Oswal Financial Services या Angel One जैसी कंपनियां, उनके विशेष कर्ज स्तर और क्रेडिट रेटिंग के आधार पर, इन बेंचमार्क के सापेक्ष अलग-अलग श्रेणियों में आ सकती हैं।
