शेयरधारकों ने खोला फैसलों का पिटारा
Religare Enterprises की 5 मई, 2026 को हुई EGM में शेयरधारकों ने कंपनी से जुड़े कई अहम फैसलों पर अपनी मुहर लगा दी। सबसे बड़ा फैसला यह रहा कि कंपनी अब दिल्ली से अपना रजिस्टर्ड ऑफिस हरियाणा में शिफ्ट करेगी। इस प्रस्ताव के पक्ष में 98.48% वोट पड़े। वहीं, Arjun Lamba को कंपनी का होल टाइम डायरेक्टर (Executive Director के तौर पर नामित) बनाने का प्रस्ताव भी 95.53% वोटों से पास हो गया।
क्यों हुए ये फैसले?
रजिस्टर्ड ऑफिस को हरियाणा ले जाने का फैसला कंपनी के प्रशासनिक और संभावित ऑपरेशनल बदलावों की ओर इशारा करता है। वहीं, Arjun Lamba की नियुक्ति से कंपनी को नई लीडरशिप मिलेगी, जिनसे भविष्य की रणनीतियों को गति मिलने की उम्मीद है। शेयरधारकों का यह भारी समर्थन इन कॉर्पोरेट गवर्नेंस और ऑपरेशनल फैसलों में उनके भरोसे को दर्शाता है।
कंपनी की पृष्ठभूमि और कानूनी अड़चनें
Religare Enterprises का इतिहास कॉर्पोरेट गवर्नेंस की चुनौतियों और लंबे कानूनी मामलों से जुड़ा रहा है। कंपनी ने पहले भी जटिल पुनर्गठनों और मालिकाना हक के मुद्दों से निपटा है। हालांकि, अभी भी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में प्रेफरेंस शेयर डिविडेंड से जुड़ा एक अहम मामला लंबित है, जो कंपनी के लिए एक निरंतर कानूनी चुनौती बनी हुई है।
आने वाले दिनों में क्या?
इस फैसले के बाद Religare Enterprises अब हरियाणा से अपने आधिकारिक कामकाज का संचालन करेगी। Arjun Lamba एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर एक महत्वपूर्ण भूमिका संभालेंगे।
निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें
NCLT में 2.5 करोड़ नॉन-कम्युलेटिव नॉन-कन्वर्टिबल रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर्स (Non-cumulative Non-convertible Redeemable Preference Shares) के वोटिंग राइट्स पर चल रही सुनवाई एक बड़ा जोखिम बनी हुई है। इस मामले में भुगतान न किए गए डिविडेंड के कारण ये शेयरधारक वोट नहीं दे सके थे। निवेशक अब रजिस्टर्ड ऑफिस के हरियाणा में औपचारिक स्थानांतरण, Arjun Lamba के नेतृत्व और NCLT के फैसले पर बारीकी से नजर रखेंगे।
