Relic Technologies: शेयरधारकों के लिए बड़ी खबर! FY26 नतीजों से पहले ट्रेडिंग विंडो बंद, 'Strong Sell' रेटिंग

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AuthorNeha Patil|Published at:
Relic Technologies: शेयरधारकों के लिए बड़ी खबर! FY26 नतीजों से पहले ट्रेडिंग विंडो बंद, 'Strong Sell' रेटिंग
Overview

Relic Technologies ने **1 अप्रैल, 2026** से अपनी ट्रेडिंग विंडो बंद करने का ऐलान किया है। कंपनी फाइनेंशियल ईयर 2026 के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी देने की तैयारी में है। उम्मीद है कि बोर्ड मीटिंग के 48 घंटे बाद ट्रेडिंग फिर से शुरू हो जाएगी, हालांकि बोर्ड मीटिंग की तारीख का अभी ऐलान नहीं हुआ है।

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FY26 के नतीजे आने से ठीक पहले Relic Technologies ने 1 अप्रैल, 2026 से अपनी ट्रेडिंग विंडो बंद करने का फैसला किया है। यह प्रक्रिया कंपनी के बोर्ड मीटिंग से पहले अपनाई जाती है। इस मीटिंग में 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए कंपनी के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स पर मुहर लगेगी। कंपनी के मुताबिक, बोर्ड मीटिंग संपन्न होने के 48 घंटे के भीतर ट्रेडिंग दोबारा शुरू हो जाएगी। हालांकि, बोर्ड मीटिंग की कन्फर्म तारीख का अभी इंतजार है।

कमजोर फंडामेंटल्स और 'Strong Sell' रेटिंग

इस बीच, कंपनी की फाइनेंशियल सेहत को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। यह कंपनी मुंबई स्थित एक इंस्टीट्यूशनल स्टॉकब्रोकर है। हाल ही में मार्च 2026 में, MarketsMOJO ने Relic Technologies की रेटिंग को 'Strong Sell' कर दिया था। इसका मुख्य कारण कंपनी के कमजोर फंडामेंटल्स, ऑपरेटिंग लॉस, नेगेटिव EBITDA और लगातार गिरते टेक्निकल इंडिकेटर्स बताए गए।

तीसरी तिमाही के नतीजे

फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की तीसरी तिमाही के नतीजों पर नजर डालें तो, कंपनी ने ऑपरेटिंग लॉस दर्ज किया। इस दौरान, PBDIT (Profit Before Depreciation, Interest and Taxes) ₹-1.64 करोड़ रहा, वहीं PBT (Profit Before Tax) ₹-1.74 करोड़ दर्ज किया गया।

ऑडिटर में बदलाव

एक और अहम डेवलपमेंट यह है कि कंपनी ने अपने नए स्टैच्यूटरी ऑडिटर के तौर पर M/s. D. Kothary & Co. की नियुक्ति की है। इससे पहले M/s. Vandana V. Dodhia & Co. ने इस्तीफा दे दिया था।

इनसाइडर ट्रेडिंग पर रोक

ट्रेडिंग विंडो बंद रहने की अवधि के दौरान, कंपनी के डायरेक्टर्स, प्रमोटर्स, डेजिग्नेटेड एम्प्लॉईज़ और उनके इमीडिएट रिलेटिव्स Relic Technologies के शेयर्स की ट्रेडिंग नहीं कर पाएंगे। यह कदम मार्केट इंटीग्रिटी को बनाए रखने और इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकने के लिए उठाया गया है।

पीयर कंपनियों से तुलना

निवेशकों के लिए, Relic Technologies का लगातार ऑपरेटिंग लॉस और नेगेटिव EBITDA चिंता का विषय बना हुआ है। 'Strong Sell' रेटिंग कंपनी के सामने मौजूद चुनौतियों को और बढ़ाती है। वहीं, फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में Angel One Ltd., Nuvama Wealth Management Ltd., और Motilal Oswal Financial Services Ltd. जैसे पीयर्स ने अक्सर रेसिलिएंस या ग्रोथ दिखाई है, जबकि Relic Technologies अभी भी नुकसान से जूझ रही है।

आगे क्या?

अब सबकी नजरें बोर्ड मीटिंग की घोषणा पर होंगी। निवेशक कंपनी से FY2026 के ऑडिटेड रिजल्ट्स, भविष्य को लेकर कंपनी का दृष्टिकोण (forward-looking guidance) और कंपनी की टर्नअराउंड स्ट्रेटेजी में किसी भी डेवलपमेंट पर बारीकी से नजर रखेंगे।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.