Reliance Industries को गुजरात के जूनागढ़ के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ स्टेट टैक्स से ₹15.38 लाख का पेनाल्टी ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर 30 मार्च, 2026 को जारी किया गया था और इसमें गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कानूनों के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है।
कंपनी ने इस बात की पुष्टि की है कि वे इस फैसले के खिलाफ उपयुक्त अथॉरिटी में अपील करने की योजना बना रहे हैं। Reliance Industries ने यह भी साफ किया है कि इस पेनाल्टी ऑर्डर का उनके चल रहे ऑपरेशंस या किसी अन्य कारोबारी गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
Reliance Industries जैसे विशाल समूह के पैमाने को देखते हुए ₹15.38 लाख की पेनाल्टी की रकम भले ही बहुत बड़ी न हो, लेकिन ऐसे ऑर्डर बड़ी कंपनियों के टैक्स कंप्लायंस पर चल रही जांच-पड़ताल को दर्शाते हैं। इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) को लेकर विवाद GST सिस्टम की जटिलताओं में आम हैं, और इन्हें सुलझाने के लिए नियमों की बारीकी से समझ और पालन की जरूरत होती है। कंपनी का अपील करने का फैसला दिखाता है कि वे टैक्स अथॉरिटी के नजरिए से असहमत हैं, जो ऐसे मामलों में कंपनियों के लिए एक सामान्य रास्ता है।
यह पेनाल्टी Reliance Industries के सामने आए टैक्स से जुड़े मामलों की एक कड़ी का हिस्सा है। नवंबर 2025 में, कंपनी को CGST, अहमदाबाद से ITC की व्याख्या को लेकर ₹56.44 करोड़ का पेनाल्टी ऑर्डर मिला था, जिसके लिए भी अपील की योजना थी। इससे भी पहले, दिसंबर 2025 में, डिप्टी कमिश्नर ऑफ स्टेट टैक्स, जामनगर ने कथित तौर पर गलत ITC क्लेम के लिए ₹1.11 करोड़ का जुर्माना लगाया था। मार्च 2026 में, RIL को आयातित सामानों के गलत वर्गीकरण पर कस्टम ड्यूटी के ₹17.07 लाख का ऑर्डर भी मिला था। इन सभी मामलों में, RIL ने लगातार अपील करने का इरादा जताया है और शेयरधारकों को आश्वस्त किया है कि इन मामलों से उनके ऑपरेशंस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
Reliance Industries अब पेनाल्टी ऑर्डर को चुनौती देने के लिए औपचारिक प्रक्रिया शुरू करेगी। यदि अपील सफल नहीं होती है, तो ₹15.38 लाख का जुर्माना कंपनी के लिए सीधा वित्तीय बोझ होगा, हालांकि यह इस विशाल समूह के लिए मामूली है। यह स्थिति बड़ी कंपनियों के लिए टैक्स कानूनों की सटीक समझ और रिकॉर्ड रखने के महत्व को और पुख्ता करती है।