फंड यूटिलाइजेशन रिपोर्ट का खुलासा
Regaal Resources Ltd ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से जुटाए ₹209.99 करोड़ के फंड के इस्तेमाल का तिमाही रिपोर्ट पेश किया है। CARE Ratings Limited द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट में फरवरी 2024 में आए IPO के फंड डिप्लॉयमेंट (Fund Deployment) का ब्योरा दिया गया है।
₹159 करोड़ का एक बड़ा हिस्सा योजना के अनुसार लोन चुकाने (Debt Repayment) के लिए इस्तेमाल किया गया। रिपोर्ट में जनरल कॉरपोरेट पर्पज़ेज़ (GCP) के संबंध में कुछ छोटी-मोटी गड़बड़ियों का जिक्र है। खासतौर पर, GCP का खर्च तय राशि से ₹0.06 करोड़ अधिक हो गया। इस अतिरिक्त खर्च को कंपनी के दूसरे उपलब्ध संसाधनों से पूरा किया गया और यह रेगुलेटर्स द्वारा तय 10% की डेविएशन लिमिट (Deviation Limit) के भीतर ही रहा।
इसके अलावा, 'अदर फाइनेंशियल सर्विसेज' (OFS) के खर्चों पर लगे गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के ₹0.89 करोड़ को GCP कैटेगरी के तहत बुक किया गया। रिपोर्ट की तारीख तक, IPO से मिले फंड में से ₹0.63 करोड़ की एक छोटी राशि अभी भी अप्रयुक्त (Unutilised) है।
IPO फंड के इस्तेमाल में पारदर्शिता बनाए रखना निवेशकों के भरोसे और वित्तीय जवाबदेही के लिए बहुत अहम होता है। हालांकि, बताई गई गड़बड़ियां मामूली थीं और स्वीकार्य सीमा के भीतर थीं, लेकिन यह IPO के बाद पब्लिक कैपिटल के मैनेजमेंट पर कड़ी निगरानी की जरूरत को भी दर्शाती हैं।
रिपोर्ट में एक गवर्नेंस पॉइंट (Governance Point) भी उठाया गया है: Regaal Resources ने GCP खर्चों के लिए जरूरी बोर्ड रेज़ोल्यूशन (Board Resolution) पास होने से पहले ही भुगतान करना शुरू कर दिया था, जिसे बाद में मंजूरी मिली। इस विशेष पहलू पर निवेशकों की नजर जा सकती है।