बोर्ड ने क्यों लिए ये फैसले?
13 अप्रैल 2026 को हुई Ramsons Projects Ltd की बोर्ड मीटिंग में कई अहम वित्तीय फैसलों पर मुहर लगी। कंपनी ने ₹2.70 करोड़ का इंटर-कॉर्पोरेट डिपॉजिट (ICD) JSPL Estates Private Limited को देने का फैसला किया है, जो असुरक्षित (unsecured) होगा। यह रकम JSPL Estates के सामान्य कॉर्पोरेट खर्चों के लिए इस्तेमाल की जाएगी।
रिजर्व फंड में बड़ा बदलाव
NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) गतिविधियों से बाहर निकलने के बाद, Ramsons Projects Ltd ने अपने स्टैट्यूटरी रिजर्व (Section 45-IC के तहत) को जनरल रिजर्व में ट्रांसफर करने की मंजूरी हासिल कर ली है। इस कदम से कंपनी को भविष्य में रणनीतिक पहलों के लिए अधिक वित्तीय लचीलापन (financial flexibility) मिलेगा।
ऑडिटर की नियुक्ति
कंपनी ने M/s. K.K. Singh & Associates को फाइनेंशियल ईयर (वित्तीय वर्ष) 2025-26 के लिए सीक्रेटेरियल ऑडिटर (Secretarial Auditor) के तौर पर फिर से नियुक्त किया है, जिससे वैधानिक अनुपालन (statutory compliance) सुनिश्चित होगा।
NBFC से बाहर निकलने की कहानी
यह रिजर्व ट्रांसफर Ramsons Projects Ltd की बड़ी रणनीति का हिस्सा है। कंपनी ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी के बाद 17 सितंबर 2025 को स्वेच्छा से अपना NBFC रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट सरेंडर कर दिया था। यह कदम सीधे तौर पर उधार देने और निवेश गतिविधियों से दूर जाकर रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर फोकस करने का एक निर्णायक कदम था।
निवेशकों के लिए रिस्क
निवेशकों को इंटर-कॉर्पोरेट डिपॉजिट से जुड़े दो मुख्य जोखिमों पर ध्यान देना चाहिए। पहला, ₹2.70 करोड़ का यह डिपॉजिट असुरक्षित है, जिसका मतलब है कि डिफॉल्ट की स्थिति में Ramsons Projects Ltd के पास कोई कोलैटरल (collateral) नहीं होगा। दूसरा, JSPL Estates के साथ इस ICD का एग्रीमेंट अभी तक फाइनल नहीं हुआ है, यानी यह डील अभी शुरुआती दौर में है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों की नज़रें अब Ramsons Projects Limited और JSPL Estates Private Limited के बीच ICD एग्रीमेंट के फाइनल होने पर रहेंगी। साथ ही, JSPL Estates द्वारा फंड के इस्तेमाल और Ramsons Projects द्वारा इस डिपॉजिट के प्रबंधन पर भी बारीक नजर रखी जाएगी। रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को लेकर कंपनी के भविष्य के ऐलान भी अहम होंगे।
