Rajnish Retail Limited ने यह कदम मार्केट में पारदर्शिता (transparency) बनाए रखने और इनसाइडर ट्रेडिंग (insider trading) को रोकने के लिए उठाया है। यह SEBI के नियमों के तहत एक ज़रूरी प्रक्रिया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कंपनी से जुड़ी गोपनीय जानकारी का गलत इस्तेमाल न हो।
इसके तहत, कंपनी के प्रमुख अधिकारी, डायरेक्टर्स और कर्मचारी, जिन्हें 'डेजिग्नेटेड पर्सन्स' (designated persons) कहा जाता है, 1 अप्रैल, 2026 से तब तक कंपनी के शेयरों या किसी अन्य सिक्योरिटी (securities) का ट्रेड नहीं कर पाएंगे, जब तक कि नतीजे सार्वजनिक न हो जाएं और ट्रेडिंग विंडो दोबारा न खुल जाए।
Rajnish Retail Limited, जिसे पहले Sheetal Diamonds Limited के नाम से जाना जाता था, 1994 में स्थापित हुई थी। शुरुआत में कंपनी का फोकस डायमंड ज्वेलरी के निर्माण और निर्यात पर था, लेकिन अब इसने रिटेल और फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) जैसे क्षेत्रों में भी अपने पैर फैलाए हैं। फार्मास्यूटिकल्स और आयुर्वेदिक पर्सनल केयर उत्पादों में भी कंपनी की मौजूदगी है। कंपनी के हालिया प्रीफरेंशियल शेयर इश्यू (preferential share issuances) से इसका पेड-अप कैपिटल (paid-up capital) बढ़ा है, जिससे कॉर्पोरेट गवर्नेंस (corporate governance) के नियम और कड़े हो गए हैं।
निवेशकों को अब जल्द ही कंपनी के बोर्ड मीटिंग की तारीख की घोषणा का इंतजार रहेगा, जहाँ FY26 के ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजों को अंतिम मंजूरी दी जाएगी। नतीजे सार्वजनिक होने के 48 घंटे बाद ही ट्रेडिंग विंडो के फिर से खुलने की उम्मीद है। रिटेल और FMCG सेक्टर में सक्रिय होने के कारण, Rajnish Retail के मुकाबले Titan Company, Kalyan Jewellers India Ltd, PC Jeweller Ltd, और Ethos Ltd जैसी कंपनियां इस सेक्टर में जानी जाती हैं।
