ट्रेडिंग विंडो क्यों बंद की गई?
कंपनी ने एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया है कि 1 अप्रैल, 2026 से ट्रेडिंग विंडो बंद रहेगी। यह एक नियमित प्रक्रिया है जो फाइनेंशियल नतीजों की घोषणा से ठीक पहले की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि सभी शेयरधारकों को एक साथ महत्वपूर्ण जानकारी मिले। यह प्रक्रिया निष्पक्ष बाजार प्रथाओं को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
नतीजों की घोषणा और विंडो का खुलना
यह ट्रेडिंग विंडो तब तक बंद रहेगी जब तक कंपनी 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाली अवधि के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय नतीजों की आधिकारिक घोषणा नहीं कर देती। नतीजों के ऐलान के 48 घंटे बाद ही यह विंडो फिर से खोली जाएगी।
राधा माधव का पिछला रिकॉर्ड और चुनौतियाँ
पैकेजिंग सेक्टर में काम करने वाली राधा माधव कॉर्पोरेशन लिमिटेड, जो फिल्म्स और कार्टन बनाती है, पिछले कुछ समय से गंभीर वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही है। कंपनी की कमाई में औसतन -30% की सालाना गिरावट आई है, और इसका रेवेन्यू -83.9% प्रति वर्ष की दर से सिकुड़ा है। यह इंडस्ट्री की ग्रोथ के बिल्कुल विपरीत है।
कंपनी रेगुलेटरी जांच के घेरे में भी रही है। जुलाई 2021 में, एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने ₹20,000 करोड़ के हेरफेर के आरोपों के चलते इसके ठिकानों पर छापेमारी की थी। इससे पहले दिल्ली की एक अदालत ने एक धोखाधड़ी के मामले में कंपनी को 'धोखाधड़ी वाली कंपनी' करार दिया था। इसके अलावा, SEBI ने RMCL के शेयर में हेरफेर के लिए एक व्यक्ति पर जुर्माना भी लगाया था। राधा माधव नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की कार्यवाही में भी शामिल रही है, जिसमें एक रेजोल्यूशन प्लान के तहत शेयर कैपिटल में भारी कमी की गई थी, जिससे मौजूदा शेयरधारकों को कोई रिकवरी नहीं मिली। Phytoatomy Private Limited के प्रस्तावित अधिग्रहण का मामला भी अभी लंबित है।
निवेशकों के लिए मुख्य जोखिम (Key Risks)
SEBI और ED जैसे रेगुलेटरी निकायों द्वारा वित्तीय धोखाधड़ी और बाजार हेरफेर के पिछले आरोप कंपनी पर एक महत्वपूर्ण बोझ बने हुए हैं। NCLT की कार्यवाही और शेयरधारकों के मूल्य को खत्म करने वाले रेजोल्यूशन प्लान में कंपनी की भागीदारी पिछली वित्तीय संकट को उजागर करती है। इंडस्ट्री की ग्रोथ के मुकाबले लगातार रेवेन्यू में गिरावट और घाटा, परिचालन और वित्तीय दबावों को दर्शाता है।
हालिया वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी ने Q1 FY26 (30 जून, 2025 को समाप्त) के लिए INR 0.58 मिलियन का स्टैंडअलोन रेवेन्यू और INR 0.73 मिलियन का नेट लॉस दर्ज किया था। वहीं, Q3 FY26 (31 दिसंबर, 2025 को समाप्त) के लिए स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹1.00 करोड़ रहा।
निवेशकों के लिए अगले कदम
निवेशकों को FY26 के लिए ऑडिटेड वित्तीय नतीजों की आधिकारिक घोषणा की तारीख पर नजर रखनी चाहिए। उन्हें यह भी नोट करना चाहिए कि ट्रेडिंग विंडो घोषणा के 48 घंटे बाद ही खुलेगी। Phytoatomy Private Limited के प्रस्तावित अधिग्रहण पर आगे के घटनाक्रम और NCLT कार्यवाही या रेगुलेटरी निकायों से किसी भी अपडेट पर भी नजर रखी जानी चाहिए।
