'जर्मन डील' पर Pricol का बड़ा खंडन
Pricol Limited ने साफ कर दिया है कि जर्मनी की किसी अनजानी ऑटो पार्ट्स कंपनी को खरीदने की सोशल मीडिया पर चल रही खबरें महज अफवाहें हैं। 9 अप्रैल, 2026 को जारी एक बयान में कंपनी ने इन दावों को 'तथ्यात्मक रूप से गलत, बेबुनियाद और भ्रामक' करार दिया है।
कंपनी की ओर से आधिकारिक बयान
Pricol ने जोर देकर कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जो भी बातें फैलाई जा रही हैं, उनका कोई आधार नहीं है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह के किसी भी एक्विजिशन (Acquisition) को लेकर न तो कोई घोषणा की गई है और न ही कोई समझौता हुआ है। Pricol ने निवेशकों से अपील की है कि वे केवल कंपनी की आधिकारिक घोषणाओं पर ही भरोसा करें और किसी भी सत्यापित न की गई जानकारी से गुमराह न हों।
असली प्लान: कैपेक्स और विस्तार
यह खंडन ऐसे समय में आया है जब Pricol अपनी स्ट्रैटेजिक एक्सपेंशन (Strategic Expansion) योजनाओं पर फोकस कर रही है। हाल ही में कंपनी ने Sundaram Auto Components के इंजेक्शन मोल्डिंग बिजनेस का एक्विजिशन किया था। इसके अलावा, अगले दो फाइनेंशियल ईयर (FY26-FY27) में कंपनी अपनी क्षमता बढ़ाने और नए अवसरों को भुनाने के लिए ₹500-600 करोड़ का बड़ा कैपेक्स (Capex) करने की योजना बना रही है।
पिछला मोर्चा और भविष्य की राह
यह स्पष्टीकरण शेयरधारकों के लिए निश्चितता लाता है और गलत सूचनाओं के आधार पर स्टॉक में संभावित बड़ी हलचल को रोकता है। बता दें कि 2023 में भी Pricol मैनेजमेंट ने प्रतिद्वंद्वी Minda Corporation के hostile takeover के प्रयास को सफलतापूर्वक विफल किया था, जो कंपनी की अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी पर फोकस को दर्शाता है।
Pricol ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स सेक्टर में Jamna Auto Industries, Varroc Engineering और Uno Minda जैसी बड़ी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। ऐसे माहौल में, अफवाहें लगातार फैलने का खतरा बना रहता है। निवेशकों को हमेशा कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग्स से ही जानकारी लेनी चाहिए।
