मर्जर और फंड जुटाने की रणनीति
Piramal Finance Limited के डायरेक्टर्स बोर्ड ने हाल ही में एक अहम मीटिंग में अपनी कुछ पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरीज़, जिनमें Piramal Corporate Tower Private Limited, Piramal Agastya Offices Private Limited, और DHFL Investments Limited शामिल हैं, के मर्जर को हरी झंडी दे दी है। यह कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग (corporate restructuring) कंपनी के ग्रुप स्ट्रक्चर को सरल बनाने और कामकाज को ज़्यादा स्मूथ बनाने के उद्देश्य से की जा रही है।
इसी के साथ, बोर्ड ने ₹15,000 करोड़ तक के रिडीमेबल, नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) को प्राइवेट प्लेसमेंट के ज़रिए इश्यू करने की भी मंज़ूरी दे दी है। इन NCDs को जारी करने की अवधि 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2027 के बीच रखी गई है। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपनी आगे की ग्रोथ योजनाओं को पूरा करने के लिए करेगी।
कंपनी क्यों कर रही ये बदलाव?
इस मर्जर के पीछे Piramal Finance की मंशा एक सिंपल और ज़्यादा असरदार ग्रुप स्ट्रक्चर बनाने की है। ऑपरेशंस को कंसॉलिडेट (consolidate) करने से कंपनी को कैपिटल (capital) का बेहतर इस्तेमाल करने और अपनी फाइनेंशियल पोजीशन को और मज़बूत करने में मदद मिलेगी। NCD इश्यू एक ऐसा कदम है जो कंपनी के एक्सपैंड हो रहे NBFC बिज़नेस को फंड करने में अहम भूमिका निभाएगा।
बैकग्राउंड और आगे क्या?
यह पहली बार नहीं है जब Piramal Finance ने ऐसे स्ट्रैटेजिक कदम उठाए हैं। इससे पहले, Piramal Enterprises Limited (PEL) का मर्जर Piramal Finance Limited के साथ सितंबर 2025 में हुआ था, जिसके बाद PFL ग्रुप के लेंडिंग बिज़नेस के लिए मुख्य एंटिटी बन गई। कंपनी ने सितंबर 2021 में Dewan Housing Finance Corporation Limited (DHFL) का अधिग्रहण भी किया था।
इस मर्जर को लागू करने के लिए कंपनी को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), IRDAI, शेयरहोल्डर्स और अन्य रेगुलेटरी बॉडीज़ (regulatory bodies) से मंज़ूरी लेनी होगी।
कंपनी की फाइनेंशियल पोजीशन
31 दिसंबर, 2025 तक Piramal Finance के टोटल एसेट्स (total assets) ₹1,04,550.72 करोड़ थे। वहीं, पिछले नौ महीनों में कंपनी का टर्नओवर (turnover) ₹8,413.70 करोड़ रहा।
