Q4 में असाधारण खर्चों का असर, पर रेवेन्यू में मजबूती
Pfizer Ltd ने 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी ने ₹199.82 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। हालांकि, इस तिमाही में ₹49.16 करोड़ के असाधारण खर्चों (exceptional charges) का असर नतीजों पर देखा गया। ये असाधारण खर्च ₹41.73 करोड़ Cipla Limited के साथ सप्लाई एग्रीमेंट से जुड़े कर्मचारियों की छंटनी (personnel separation) से संबंधित थे, और ₹7.43 करोड़ नए लेबर कोड नियमों के चलते हुए। इसके बावजूद, तिमाही के लिए कुल आय (total income) पिछले साल की तुलना में 5.26% बढ़कर ₹669.95 करोड़ रही।
पूरे फाइनेंशियल ईयर का लेखा-जोखा
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, कंपनी का रेवेन्यू 10.35% की ग्रोथ के साथ ₹2,707.60 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट ₹722.43 करोड़ पर स्थिर रहा। पिछले साल के ₹767.60 करोड़ के मुकाबले इस बार प्रॉफिट कम है। इसका मुख्य कारण पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹172.81 करोड़ की जमीन और बिल्डिंग की बिक्री से हुआ एक बड़ा एकमुश्त लाभ (one-time gain) था, जो इस बार नहीं हुआ।
मजबूत बैलेंस शीट और शेयरधारकों को इनाम
कंपनी की वित्तीय सेहत काफी मजबूत है। 31 मार्च 2026 तक, कंपनी पर सिर्फ ₹2.50 करोड़ का कर्ज था, जबकि शेयरधारकों की कुल पूंजी ₹4,202.90 करोड़ थी। इस शानदार बैलेंस शीट को देखते हुए, बोर्ड ने ₹75 प्रति शेयर (यानी 750%) का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है।
भविष्य की राह
प्रतिस्पर्धी भारतीय फार्मा सेक्टर में Pfizer का 10.35% का एनुअल रेवेन्यू ग्रोथ एक मजबूत प्रदर्शन है। तुलना के लिए, Abbott India ने FY25 में ₹5,483 करोड़ का रेवेन्यू और Cipla ने FY25 में ₹29,069 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था। निवेशकों की नजरें अब Cipla एग्रीमेंट से जुड़े खर्चों के प्रबंधन और अगले फाइनेंशियल ईयर में रेवेन्यू ग्रोथ की रफ्तार बनाए रखने पर होंगी।
