Patanjali Foods: नतीजों से पहले 'ट्रेडिंग विंडो' बंद, क्या है वजह?

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AuthorNeha Patil|Published at:
Patanjali Foods: नतीजों से पहले 'ट्रेडिंग विंडो' बंद, क्या है वजह?
Overview

Patanjali Foods अपने डेजिग्नेटेड पर्सन्स (Designated Persons) के लिए **1 अप्रैल 2026** से 'ट्रेडिंग विंडो' बंद कर रही है। यह कदम **31 मार्च 2026** को समाप्त होने वाली तिमाही और पूरे फाइनेंशियल ईयर के वित्तीय नतीजों की घोषणा से ठीक पहले उठाया गया है। SEBI के नियमों का पालन करते हुए, यह फैसला इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) को रोकने के लिए लिया गया है।

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ट्रेडिंग विंडो बंद करने का बड़ा ऐलान

Patanjali Foods ने बताया है कि कंपनी की ट्रेडिंग विंडो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी रूप से बंद कर दी जाएगी। यह अस्थायी रोक वित्तीय नतीजों की घोषणा की तैयारी के तहत है, जो 31 मार्च 2026 को समाप्त हो रहे तिमाही और पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए होंगे। नतीजों की आधिकारिक घोषणा के 48 घंटे बाद ही यह विंडो फिर से खोली जाएगी।

SEBI नियमों का पालन

यह कदम SEBI (इनसाइडर ट्रेडिंग निषेध) रेगुलेशन, 2015 के तहत उठाया गया है। ऐसे उपाय इसलिए किए जाते हैं ताकि जिन व्यक्तियों के पास कंपनी की ऐसी जानकारी है जो अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है (Unpublished Price-Sensitive Information - UPSI), वे सार्वजनिक होने से पहले कंपनी के शेयर्स में कोई खरीद-बिक्री न कर सकें।

कंपनी का ट्रांसफॉर्मेशन और ग्रोथ

formerly known as Ruchi Soya, Patanjali Foods अब एक डाइवर्सिफाइड FMCG कंपनी के रूप में बदल रही है। फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में, कंपनी ने अपने इतिहास की सबसे अधिक सालाना रेवेन्यू ₹34,157 करोड़ दर्ज की। इस ग्रोथ का मुख्य कारण इसके फूड, FMCG और होम एंड पर्सनल केयर (HPC) सेगमेंट रहे। इसी दौरान, एडवरटाइजिंग और प्रमोशन पर खर्च भी बढ़कर ₹233.36 करोड़ हो गया, जबकि एडिबल ऑयल्स सेगमेंट ने ₹1,000 करोड़ से अधिक का EBITDA दर्ज किया।

कौन प्रभावित होगा?

ट्रेडिंग विंडो बंद रहने की अवधि के दौरान, कंपनी के डायरेक्टर्स, की मैनेजेरियल पर्सनल (Key Managerial Personnel) और UPSI तक पहुंच रखने वाले कर्मचारियों को Patanjali Foods के शेयर्स खरीदने या बेचने की इजाजत नहीं होगी। मार्केट की इंटीग्रिटी बनाए रखने के लिए, यह प्रतिबंध उनके करीबी रिश्तेदारों और कनेक्टेड पर्सन्स पर भी लागू होगा।

हाल की चुनौतियाँ

हाल ही में Patanjali Foods को कुछ रेगुलेटरी मुद्दों का सामना करना पड़ा है। मार्च 2026 में, कंपनी पर 2019-23 की अवधि के टैक्स कंप्लायंस से जुड़े ₹3.87 करोड़ का GST जुर्माना लगाया गया था, जिस पर कंपनी अपील करने की योजना बना रही है। इसके अलावा, एक CGST लिटिगेशन केस में ₹10,000 का जुर्माना मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) पर लगाया गया था।

फाइनेंशियल ईयर 2025 का प्रदर्शन

फाइनेंशियल ईयर 2025 के लिए, Patanjali Foods ने स्टैंडअलोन रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹34,157 करोड़ और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹1,301 करोड़ दर्ज किया। एडिबल ऑयल्स सेगमेंट ने ₹1,000 करोड़ से अधिक EBITDA हासिल किया, जबकि फूड, FMCG और HPC सेगमेंट का ऑपरेशनल रेवेन्यू में योगदान Q4 FY25 में लगभग 30.61% रहा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.