राइट्स इश्यू से प्रमोटर की हिस्सेदारी में बड़ी गिरावट
Onelife Capital Advisors Limited के प्रमोटर, प्रभाकर नायग, ने हालिया राइट्स इश्यू के बाद कंपनी में 95,71,667 नए शेयर हासिल किए। इसके बावजूद, उनकी कुल शेयरहोल्डिंग प्रतिशत 51.68% से घटकर 25.62% रह गई है। यह दर्शाता है कि कंपनी की कुल इक्विटी कैपिटल लगभग तीन गुना हो गई है, जो ₹13.36 करोड़ से बढ़कर ₹37.36 करोड़ हो गई है।
कितनी हुई फंडिंग और क्यों?
इस राइट्स इश्यू के जरिए कंपनी ने लगभग ₹36 करोड़ जुटाए हैं। यह पैसा ₹15 प्रति शेयर के इश्यू प्राइस पर जुटाया गया है। कंपनी का लक्ष्य अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करना और भविष्य के विकास के लिए पूंजी जुटाना है। शेयर कैपिटल में इस बड़ी वृद्धि से कंपनी की वित्तीय लचीलापन बढ़ने की उम्मीद है।
प्रमोटर की हिस्सेदारी पर असर
भले ही प्रभाकर नायग ने नए शेयर खरीदे, लेकिन बड़ी संख्या में जारी किए गए नए शेयरों के कारण उनकी मालिकी का प्रतिशत काफी कम हो गया। कंपनी के कुल इक्विटी शेयर 1,33,60,000 से बढ़कर 3,73,60,000 हो गए। इससे मौजूदा शेयरधारकों के अनुपातित स्वामित्व और प्रति शेयर आय (EPS) में कमी आई है।
कंपनी का बैकग्राउंड और रेगुलेटरी चिंताएं
Onelife Capital Advisors, जो 2007 में स्थापित हुई थी, निवेश सलाह, वित्तीय परामर्श और कमोडिटी ब्रोकिंग सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी ने 23 फरवरी से 16 मार्च 2026 तक राइट्स इश्यू चलाया था, जिसमें 2,40,00,000 इक्विटी शेयर आवंटित किए गए।
हालांकि, कंपनी और उसके प्रमोटर्स, जिनमें प्रभाकर नायग भी शामिल हैं, पूर्व में नियामक जांच के दायरे में रहे हैं। अक्टूबर 2024 में, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने कंपनी और उसके प्रमोटर्स को सिक्योरिटीज मार्केट में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया था। यह कार्रवाई फंड डायवर्जन, राजस्व और खर्चों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने, और कॉर्पोरेट गवर्नेंस में विफलताओं के आरोपों के कारण की गई थी। इससे पहले, 2013 में भी SEBI के एक आदेश ने कंपनी पर IPO की रकम के धोखाधड़ी वाले डायवर्जन के लिए जुर्माना लगाया था।
प्रमोटर की हिस्सेदारी का एक बड़ा हिस्सा गिरवी भी रखा गया है, जिसमें दिसंबर 2025 तक लगभग 70.47% शेयर गिरवी थे।
