ONGC के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 25 अप्रैल, 2026 को हुई मीटिंग में कई अहम फैसले लिए गए। सबसे बड़ा फैसला श्री योगेश नायक एस. को कंपनी का नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त करना रहा। उनका कार्यकाल 1 मई, 2026 से शुरू होगा।
बोर्ड ने पेट्रोकेमिकल्स मार्केटिंग और ट्रेडिंग पर केंद्रित एक जॉइंट वेंचर कंपनी (JVC) के गठन को भी मंजूरी दी है। इस JVC में ONGC की 50% हिस्सेदारी होगी और कंपनी इसमें ₹25 करोड़ का निवेश करेगी।
इसके अलावा, कंपनी ने इंद्रधनुष गैस ग्रिड लिमिटेड (IGGL) के डूलियाजान फीडर लाइन प्रोजेक्ट के लिए भी बड़ा वित्तीय समर्थन देने का ऐलान किया है। इसके तहत UP to ₹79.48 करोड़ का निवेश और UP to ₹185.45 करोड़ की कॉर्पोरेट गारंटी मंजूर की गई है।
पेट्रोकेमिकल JVC का गठन ONGC ग्रुप की कंपनियों के बीच मार्केटिंग ऑपरेशन्स को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से किया गया है। उम्मीद है कि इससे लागत में कमी आएगी और आमदनी बढ़ेगी। वहीं, IGGL प्रोजेक्ट में निवेश से पूर्वोत्तर क्षेत्र में गैस ग्रिड का राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा।
ONGC, देश की प्रमुख ऑयल और गैस एक्सप्लोरर कंपनी, पेट्रोकेमिकल सेक्टर में सक्रिय रूप से विस्तार कर रही है। कंपनी ने 2030 तक अपनी पेट्रोकेमिकल क्षमता को काफी बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। IGGL खुद ONGC और IOCL, GAIL, OIL, NRL जैसी अन्य प्रमुख पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (PSUs) का एक जॉइंट वेंचर है, जिसका मुख्य काम पूर्वोत्तर क्षेत्र में नेचुरल गैस पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना है।
श्री योगेश नायक एस. के CFO के तौर पर आने से ONGC को नई वित्तीय लीडरशिप मिलेगी। नई पेट्रोकेमिकल JVC से मार्केटिंग में सिनर्जी बढ़ने और पेट्रोकेमिकल सेगमेंट में प्रॉफिटेबिलिटी (मुनाफे) में सुधार की उम्मीद है। IGGL प्रोजेक्ट में ONGC का समर्थन पूर्वोत्तर की ऊर्जा कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।
हालांकि, पेट्रोकेमिकल JVC का गठन डिपार्टमेन्ट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) जैसी आवश्यक नियामक मंजूरियों पर निर्भर करेगा। कंपनी को पहले भी बोर्ड कंपोजीशन को लेकर स्टॉक एक्सचेंजों से जुर्माने का सामना करना पड़ा है, जो गवर्नेंस से जुड़ी कुछ चुनौतियों का संकेत देता है।
ONGC एक प्रतिस्पर्धी माहौल में काम करती है, जहां Reliance Industries और Indian Oil Corporation (IOCL) जैसे प्रमुख प्लेयर्स पेट्रोकेमिकल्स और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में गहराई से शामिल हैं। Reliance डीपवाटर गैस एक्सप्लोरेशन सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा करती है, जबकि IOCL IGGL प्रोजेक्ट में एक पार्टनर है।
निवेशक और हितधारक DIPAM से पेट्रोकेमिकल JVC की आधिकारिक मंजूरी, IGGL डूलियाजान फीडर लाइन प्रोजेक्ट की प्रगति और कार्यान्वयन की समय-सीमा, और नए CFO के नेतृत्व में वित्तीय नेतृत्व के सुचारू बदलाव पर कड़ी नजर रखेंगे।
