Novartis India पर ₹10.28 करोड़ का टैक्स का बोझ! IT विभाग के नोटिस के खिलाफ कंपनी करेगी अपील

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Novartis India पर ₹10.28 करोड़ का टैक्स का बोझ! IT विभाग के नोटिस के खिलाफ कंपनी करेगी अपील
Overview

Novartis India को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से एक बड़ा झटका लगा है। कंपनी को असेसमेंट ईयर (AY) 2020-21 के लिए **₹10.28 करोड़** का भारी टैक्स डिमांड नोटिस मिला है। यह नोटिस स्टॉकलिस्ट मार्जिन और MSME (माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज) को पेमेंट में TDS (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) के नियमों का पालन न करने के आरोपों से जुड़ा है। कंपनी अब इस ऑर्डर के खिलाफ अपील करने की तैयारी कर रही है।

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क्या है पूरा मामला?

आयकर विभाग (Income Tax Department) ने Novartis India Limited को असेसमेंट ईयर 2020-21 के लिए ₹10,28,40,780 का डिमांड नोटिस जारी किया है। इसमें ₹5,75,85,157 का मूल टैक्स (Principal) और ₹4,52,55,623 का इंटरेस्ट (Interest) शामिल है। विभाग का आरोप है कि कंपनी ने स्टॉकलिस्ट मार्जिन और MSME कंपनियों को भुगतान के संबंध में TDS नियमों का ठीक से पालन नहीं किया है।

कंपनी की अगली रणनीति?

Novartis India इस डिमांड नोटिस के खिलाफ संबंधित टैक्स अथॉरिटी के पास अपील दायर करेगी। कंपनी इस भुगतान पर स्टे (stay) यानी रोक लगाने की मांग भी करेगी, ताकि इस कानूनी प्रक्रिया के दौरान संभावित वित्तीय बोझ और लिक्विडिटी (liquidity) पर पड़ने वाले असर को कम किया जा सके।

कंपनी का बैकग्राउंड और पिछला अनुभव

1947 में स्थापित Novartis India, भारत के फार्मा सेक्टर की एक जानी-मानी कंपनी है, जो कार्डियोवैस्कुलर, ऑन्कोलॉजी, इम्यूनोलॉजी और न्यूरोसाइंस जैसे क्षेत्रों में दवाएं बेचती है। यह पहली बार नहीं है जब Novartis की किसी इकाई को इस तरह की TDS संबंधी समस्या का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले, संबंधित इकाई Novartis Healthcare Private Limited को भी AY 2020-21 के लिए स्टॉकलिस्ट मार्जिन और MSME पेमेंट्स पर TDS के मुद्दों का सामना करना पड़ा था। Novartis India का टैक्स संबंधी विवादों का इतिहास रहा है।

हाल ही में, Novartis AG ने इनोवेटिव दवाओं पर फोकस करने की अपनी रणनीति के तहत अपनी लिस्टेड इकाई Novartis India Limited में अपनी हिस्सेदारी Chris Capital को बेचने की घोषणा की थी। कंपनी का कहना है कि भारत अभी भी उसके लिए एक अहम बाजार है और उसका परिचालन सहायक कंपनी Novartis Healthcare Private Limited के माध्यम से जारी रहेगा।

आगे क्या और क्या है जोखिम?

Novartis India अब अपील फाइल करेगी और पेमेंट पर स्टे ऑर्डर मांगेगी। कंपनी की लीगल और फाइनेंस टीम इस प्रक्रिया को संभालेगी।

सबसे बड़ा जोखिम यह है कि अगर अपील फेल हो जाती है, तो कंपनी को पूरा टैक्स डिमांड और इंटरेस्ट चुकाना पड़ सकता है। अगर TDS नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो इनकम टैक्स एक्ट की धारा 271C के तहत पेनल्टी (penalties) भी लग सकती है। यह पूरी प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है, जिससे अनिश्चितता बनी रहेगी और एडमिनिस्ट्रेटिव कॉस्ट्स (administrative costs) भी बढ़ेंगे।

निवेशक कंपनी की अपील और स्टे एप्लीकेशन पर अपडेट, टैक्स अथॉरिटी से मिलने वाले नए निर्देश और कंपनी की ओर से संभावित वित्तीय प्रभावों पर दी जाने वाली किसी भी टिप्पणी पर बारीकी से नजर रखेंगे।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.