बोर्ड में क्या हैं अहम बदलाव?
कंपनी ने सुश्री रीमा मगोत्रा को 25 मार्च, 2026 से एडिशनल नॉन-एग्जीक्यूटिव और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के पद पर नियुक्त करने की घोषणा की है। उनकी यह नियुक्ति सुश्री Promila Sharma के इस पद से व्यक्तिगत कारणों से दिए गए इस्तीफे के बाद हुई है।
इन नियुक्तियों के साथ ही, कंपनी ने अपनी कई प्रमुख बोर्ड कमेटियों को भी पुनर्गठित किया है। इनमें ऑडिट कमेटी (Audit Committee), नॉमिनेशन और रेमुनरेशन कमेटी (Nomination & Remuneration Committee), स्टेकहोल्डर्स रिलेशनशिप कमेटी (Stakeholders Relationship Committee), और रिस्क मैनेजमेंट कमेटी (Risk Management Committee) शामिल हैं। इन कमेटियों में सदस्यों और अध्यक्षों (Chairperson) के नामों में भी बदलाव किए गए हैं।
गवर्नेंस पर क्या होगा असर?
कॉर्पोरेट गवर्नेंस की दृष्टि से ये बदलाव काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। स्वतंत्र निदेशकों (Independent Directors) की नियुक्ति बोर्ड को निष्पक्ष निगरानी और शेयरधारकों के हितों की रक्षा करने में मदद करती है। ऑडिट, नॉमिनेशन और रेमुनरेशन, और रिस्क मैनेजमेंट जैसी कमेटियों का पुनर्गठन इन महत्वपूर्ण निगरानी कार्यों पर कंपनी के बढ़ते फोकस को दर्शाता है। इससे जवाबदेही (Accountability) और रणनीतिक निर्णय लेने (Strategic Decision-making) की प्रक्रिया में सुधार की उम्मीद है। सुश्री मगोत्रा के बोर्ड में शामिल होने से बोर्ड की स्वतंत्रता और विविधता बढ़ने की संभावना है।
