NSDL ने घोषणा की है कि कंपनी की ट्रेडिंग विंडो 1 अप्रैल, 2026 से बंद रहेगी। यह नियम कंपनी के खास कर्मचारियों (designated employees) और उनके करीबी रिश्तेदारों पर लागू होगा। यह एक रूटीन कॉर्पोरेट गवर्नेंस (corporate governance) का कदम है, जो कंपनी अपने FY26 यानी 31 मार्च, 2026 को समाप्त हो रहे पूरे फाइनेंशियल ईयर और तिमाही के ऑडिटेड नतीजों की घोषणा करने वाली है।
यह क्लोजर SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग (insider trading) नियमों के तहत एक ज़रूरी प्रक्रिया है। इसका मकसद यह पक्का करना है कि कोई भी अंदरूनी व्यक्ति (insider) कंपनी की नॉन-पब्लिक, प्राइस-सेंसिटिव जानकारी का गलत इस्तेमाल नतीजों के ऐलान से पहले न कर सके। इससे शेयर बाजार में पारदर्शिता (transparency) और निष्पक्षता (fairness) बनी रहती है।
यह ट्रेडिंग विंडो नतीजों की आधिकारिक घोषणा के 48 घंटे बाद ही फिर से खुलेगी। NSDL, जिसकी स्थापना 1996 में हुई थी, भारत का पहला और सबसे बड़ा सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी (securities depository) है। यह देश के कैपिटल मार्केट्स (capital markets) में अहम भूमिका निभाता है। कंपनी जुलाई 2025 में IPO के बाद पब्लिक हुई और अगस्त 2025 में BSE पर लिस्ट हुई।
हालांकि यह एक स्टैंडर्ड प्रोसीजर है, NSDL हाल ही में रेगुलेटरी जांच के दायरे में भी आई थी। दिसंबर 2025 में, कंपनी को SEBI ने ₹15.57 करोड़ का जुर्माना भरने को कहा था। यह जुर्माना FY23-24 के इंस्पेक्शन (inspection) के दौरान पाई गई कुछ गड़बड़ियों, जैसे डिमैट अकाउंट फ्रीजिंग (demat account freezing), गवर्नेंस और ऑपरेशन्स (operations) में कमियों को लेकर था।
NSDL का मुख्य कॉम्पिटिटर Central Depository Services (India) Limited (CDSL) भी नतीजे आने से पहले ऐसी ही ट्रेडिंग विंडो क्लोजर प्रक्रिया अपनाता है। NSDL का मार्केट शेयर काफी बड़ा है, जो CDSL से कहीं ज्यादा है।
अब निवेशकों की निगाहें बोर्ड मीटिंग की तारीख पर टिकी हैं, जिससे NSDL के Q4 FY26 और पूरे FY26 के स्टैंडअलोन (standalone) और कंसोलिडेटेड (consolidated) फाइनेंशियल रिजल्ट्स सामने आएंगे। ट्रेडिंग विंडो का फिर से खुलना इस अवधि के लिए इनसाइडर ट्रेडिंग पर लगी रोक के हटने का संकेत देगा।