Muthoot Finance का बड़ा ऐलान: ₹30 का अंतरिम डिविडेंड
भारत की सबसे बड़ी गोल्ड लोन NBFC, Muthoot Finance ने अपने शेयरधारकों को खुशखबरी दी है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹30 प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। जिन शेयरधारकों के नाम 17 अप्रैल, 2026 तक कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, वे इस डिविडेंड के हकदार होंगे।
नई TDS गाइडलाइन्स और 27 अप्रैल की डेडलाइन
यह डिविडेंड घोषणा 1 अप्रैल, 2026 से लागू हो रहे इनकम-टैक्स एक्ट के नए TDS नियमों के साथ आई है। इन नए नियमों के मुताबिक:
- वैलिड पैन (PAN) देने वाले शेयरधारकों के लिए डिविडेंड पर 10% TDS कटेगा।
- बिना पैन या अमान्य पैन वाले शेयरधारकों के लिए TDS दर बढ़कर 20% हो जाएगी।
इसलिए, यह बेहद ज़रूरी है कि शेयरहोल्डर्स 27 अप्रैल, 2026 की डेडलाइन से पहले अपने KYC (Know Your Customer) और पैन डिटेल्स को कंपनी के साथ अपडेट करा लें। ऐसा न करने पर उन्हें ज़्यादा टैक्स देना पड़ सकता है या डिविडेंड का भुगतान रोका जा सकता है।
शेयरधारकों के लिए क्या है मायने?
अगर शेयरधारक 27 अप्रैल, 2026 तक अपने KYC और पैन का सही डॉक्यूमेंटेशन जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें उच्च TDS दर 20% का सामना करना पड़ सकता है, या फिर उनका डिविडेंड भुगतान रोका जा सकता है। फिजिकल फोलियो वाले शेयरधारकों के लिए यह डेडलाइन और भी अहम है।
कंपनी का पिछला प्रदर्शन
Muthoot Finance लगातार डिविडेंड देने वाली कंपनियों में से एक रही है। पिछले फाइनेंशियल ईयर 2023-2024 में कंपनी ने कुल ₹24.0 का डिविडेंड चार बार में दिया था। वहीं, 2024-2025 में सात बार में ₹26 का भुगतान किया गया था। कंपनी के पास 7,500 से ज़्यादा ब्रांचेज़ हैं।
रेगुलेटरी मुद्दे
कंपनी को कुछ रेगुलेटरी पेनाल्टी का सामना भी करना पड़ा है। जुलाई 2024 में RBI ने KYC में गड़बड़ी के चलते कंपनी पर ₹1.9 लाख का जुर्माना लगाया था। नवंबर 2020 में LTV रेशियो और पैन कार्ड के मुद्दों पर ₹10 लाख का पेनाल्टी लगा था।
साथियों से तुलना
गोल्ड लोन और NBFC सेक्टर में दूसरे प्लेयर भी डिविडेंड पॉलिसी फॉलो करते हैं। Manappuram Finance ने 2025 में ₹2.5 प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था। IIFL Finance ने FY2025-26 के लिए ₹4 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया था, जिसकी रिकॉर्ड डेट 29 जनवरी, 2026 थी।
