डिविडेंड का इंतजार खत्म?
Muthoot Finance ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया है कि उनके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स 10 अप्रैल, 2026 को मिलेंगे। इस मीटिंग का मुख्य एजेंडा फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए इंटरिम डिविडेंड का ऐलान करना है। अगर बोर्ड डिविडेंड देने का फैसला करता है, तो 13 अप्रैल, 2026 को रिकॉर्ड डेट के तौर पर तय किया जाएगा। इसका मतलब है कि जिन शेयरहोल्डर्स के नाम इस तारीख को कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, वे इस डिविडेंड के हकदार होंगे। डिविडेंड का भुगतान मंजूरी की तारीख के 30 दिनों के भीतर किया जाएगा।
क्यों है यह खबर अहम?
यह घोषणा निवेशकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह कंपनी की अपने शेयरधारकों को मुनाफा वापस बांटने की मंशा को दिखाता है। इंटरिम डिविडेंड शेयरहोल्डर्स को उनके निवेश पर समय पर रिटर्न देने का एक तरीका है। यह कंपनी के मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और मुनाफे को बांटने की नीति को भी दर्शाता है।
कंपनी का दमदार प्रदर्शन
Muthoot Finance का Q3 FY25 का मुनाफा ₹1,392 करोड़ रहा है, जो कंपनी के मजबूत फाइनेंशियल हेल्थ को दिखाता है। भारत की सबसे बड़ी गोल्ड लोन एनबीएफसी (NBFC) के तौर पर, Muthoot Finance का शेयरधारकों को नियमित डिविडेंड देने का एक ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में, कंपनी ने FY2024-25 के लिए ₹26.00 प्रति शेयर और FY2023-24 के लिए ₹24.00 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड दिया था। Q3 FY25 में कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹1,392 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही से 21% ज्यादा है। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025 का PAT ₹5,352 करोड़ रहा, जो 20% YoY बढ़ा है।
डिविडेंड के लिए क्या हैं नियम?
Muthoot Finance जैसी एनबीएफसी (NBFCs) को डिविडेंड घोषित करने से पहले रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के प्रूडेंशियल नॉर्म्स (Prudential Norms) का पालन करना होता है। इसमें निर्धारित कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CRAR) बनाए रखना और पिछले सालों में नेट एनपीए (Net NPAs) को 6% से नीचे रखना जैसी शर्तें शामिल हैं।
आगे क्या देखना होगा?
- 10 अप्रैल, 2026 को होने वाली बोर्ड मीटिंग का नतीजा, खासकर डिविडेंड के ऐलान को लेकर।
- अगर डिविडेंड घोषित होता है, तो प्रति शेयर राशि (Quantum) क्या होगी।
- कंपनी की ओर से भुगतान की समय-सारणी (Payment Schedule) की आधिकारिक घोषणा।
