इनसाइडर ट्रेडिंग पर लगाम
Moneyboxx Finance ने यह कदम शेयर बाजार में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उठाया है। कंपनी का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि नतीजों की घोषणा से पहले किसी भी अंदरूनी या अप्रकाशित जानकारी का गलत इस्तेमाल न हो सके। इस 'ट्रेडिंग विंडो क्लोजर' के दौरान, कंपनी के डेजिग्नेटेड कर्मचारी और उनके रिश्तेदार कंपनी के शेयर खरीद या बेच नहीं पाएंगे।
कंपनी की स्थिति और पिछली परफॉरमेंस
Moneyboxx Finance एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है जो भारत के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में छोटे व्यवसायों को लोन देने का काम करती है। कंपनी का लक्ष्य ऐसे लोगों को वित्तीय सहायता देना है जिन्हें पारंपरिक रूप से बड़े बैंकों से लोन मिलना मुश्किल होता है।
फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में, Moneyboxx Finance ने ₹54.61 करोड़ के कुल रेवेन्यू पर ₹34.97 करोड़ का नेट प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया था। कंपनी एसेट क्वालिटी सुधारने के लिए सिक्योर्ड लेंडिंग की ओर बढ़ रही है।
हालांकि, कंपनी को कुछ चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा है। हाल ही में एक कर्मचारी धोखाधड़ी का मामला सामने आया था, जिसमें ₹1.13 करोड़ की हेराफेरी हुई थी। इसके अलावा, MarketsMojo ने कंपनी के कमजोर फंडामेंटल्स और औसत से कम क्वालिटी मेट्रिक्स को देखते हुए 'Sell' रेटिंग दी है, जो 1.11% के कम ROE (रिटर्न ऑन इक्विटी) की ओर इशारा करता है। इन कारणों से, 19 मार्च 2026 तक पिछले एक साल में शेयर की कीमत में करीब 70.79% की बड़ी गिरावट आई है।
आगे क्या देखना है?
निवेशकों की नजरें कंपनी के बोर्ड मीटिंग की आधिकारिक तारीख पर टिकी हैं, जहां Q4 FY26 और पूरे फाइनेंशियल ईयर के ऑडिटेड नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। कंपनी के फाइनेंशियल परफॉरमेंस के साथ-साथ सिक्योर्ड लेंडिंग की रणनीति और एसेट क्वालिटी में सुधार की दिशा में उठाए जा रहे कदमों पर भी निगाहें रहेंगी। कर्मचारी धोखाधड़ी मामले से जुड़े अपडेट भी महत्वपूर्ण होंगे।
