SEBI के 'Large Corporate' के दायरे से बाहर Marc Loire Fashions
SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) के नियमों के तहत, 'Large Corporate' (LC) यानी 'बड़े कॉर्पोरेट' की श्रेणी में वे कंपनियाँ आती हैं जिनके पास ₹1,000 करोड़ या उससे अधिक का लॉन्ग-टर्म बॉरोइंग (long-term borrowings) बकाया हो और क्रेडिट रेटिंग 'AA' या उससे ऊपर की हो। Marc Loire Fashions ने स्पष्ट किया है कि वह इन तीन में से केवल एक ही शर्त को पूरा करती है, इसलिए FY2026-27 के लिए उसे LC नहीं माना जाएगा।
क्यों मिली छूट?
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया है कि वह SEBI के 'Large Corporate' वर्गीकरण के लिए निर्धारित महत्वपूर्ण मापदंडों पर खरी नहीं उतरती। खासकर, कंपनी का बकाया लॉन्ग-टर्म बॉरोइंग ₹1,000 करोड़ के न्यूनतम स्तर से काफी कम है। मार्च 2025 तक, कंपनी का कुल बॉरोइंग सिर्फ ₹0.03 करोड़ था। इसके अलावा, कंपनी के पास आवश्यक 'AA' या उससे बेहतर क्रेडिट रेटिंग भी नहीं है।
'Large Corporate' स्टेटस से फायदे
इस छूट का मतलब है कि Marc Loire Fashions को SEBI के 19 अक्टूबर, 2023 के सर्कुलर में बताए गए अतिरिक्त डिस्क्लोजर्स और अन्य नियामक दायित्वों को पूरा नहीं करना होगा। इससे कंपनी के लिए कंप्लायंस (compliance) की प्रक्रिया सरल हो जाएगी, प्रशासनिक खर्चे कम होंगे और मैनेजमेंट अपने मुख्य व्यवसाय पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेगा। यह स्थिति कंपनी को भविष्य में कर्ज (debt) लेने में भी अधिक लचीलापन देगी।
कंपनी की पृष्ठभूमि
Marc Loire Fashions, जिसकी स्थापना 2014 में हुई थी, महिलाओं के फुटवियर और एक्सेसरीज का निर्माण और बिक्री करती है। कंपनी 'Marc Loire' ब्रांड के तहत ऑनलाइन (D2C) और बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) दोनों चैनलों से ऑपरेट करती है। कंपनी ग्रोथ फेज में है और BSE SME प्लेटफॉर्म पर IPO लाने की योजना बना रही है।
अन्य कंपनियों को भी मिली राहत
कपड़ा और परिधान क्षेत्र की अन्य कंपनियाँ जैसे Shine Fashions (India) Ltd., Lorenzini Apparels Ltd., और Soma Textiles & Industries को भी हाल ही में SEBI के 'Large Corporate' स्टेटस से छूट मिली है। इन कंपनियों ने भी कम लॉन्ग-टर्म बॉरोइंग या अपर्याप्त क्रेडिट रेटिंग को इसका कारण बताया है।
