कोर्ट से मंज़ूर मर्जर से बढ़ी MSUM की हिस्सेदारी
Maharaja Shree Umaid Mills Limited (MSUM) ने Kiran Vyapar Limited (KVL) में अपनी हिस्सेदारी को काफी मजबूत कर लिया है। हाल ही में कोर्ट से अप्रूव हुई विलय स्कीम के तहत, MSUM ने KVL के 92.38 लाख शेयर खरीदे हैं, जो कंपनी की कुल पेड-अप कैपिटल का 33.86% है। इस सौदे के बाद, MSUM की KVL में कुल हिस्सेदारी बढ़कर 54.72% हो गई है, जो पहले 20.86% थी।
मर्जर और प्रमोटर ग्रुप का कंट्रोल
यह ट्रांजैक्शन 25 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा और यह L N Bangur Group के भीतर ही एक ट्रांसफर है। Kiran Vyapar Limited एक NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) है जो निवेश और फाइनेंसिंग का काम करती है, जबकि Maharaja Shree Umaid Mills Limited मुख्य रूप से एक टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरर है। इस बड़े मर्जर के ज़रिए, L N Bangur Group का KVL पर कंट्रोल और भी मजबूत हो जाएगा।
विलय स्कीम का बैकग्राउंड
Maharaja Shree Umaid Mills Limited एक बड़े विलय प्लान पर काम कर रही है, जिसमें कुल 20 कंपनियों को MSUM में शामिल किया जाएगा। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने 16 मार्च, 2026 को Kiran Vyapar की एक सहयोगी कंपनी Placid Limited से जुड़े एक स्कीम को भी मंजूरी दी थी।
यह पुनर्गठन SEBI के टेकओवर रेगुलेशन्स के तहत मिली एक छूट के ज़रिए संभव हुआ है, जो कोर्ट द्वारा अनुमोदित स्कीमों या प्रमोटर ग्रुप के भीतर होने वाले ट्रांसफर पर लागू होती है। इस प्रक्रिया के तहत, Kiran Vyapar Limited को Placid Limited में अपनी हिस्सेदारी के बदले Maharaja Shree Umaid Mills Limited के शेयर मिलेंगे।
इस सौदे का असर
- MSUM अब Kiran Vyapar Limited पर स्पष्ट बहुमत नियंत्रण रखेगा।
- L N Bangur Group की कंपनियों के बीच ओनरशिप स्ट्रक्चर सुव्यवस्थित होगा।
- विलय की प्रक्रिया आगे बढ़ने पर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और सिनर्जीज़ की उम्मीद है।
- Kiran Vyapar की रिपोर्टिंग में अब MSUM के सीधे बहुमत स्वामित्व को दर्शाया जाएगा।
