गवर्नेंस को मिलेगी नई दिशा
MPF Systems Ltd के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की हुई मीटिंग में कई अहम फैसले लिए गए। Nidhi Joshi को 5 साल के लिए डायरेक्टर पद पर नियुक्त किया गया है, जिसकी शुरुआत 16 अप्रैल, 2026 से होगी। हालांकि, यह नियुक्ति रेगुलेटरी, स्टैच्यूटरी और शेयरहोल्डर अप्रूवल्स (Shareholder Approvals) के अधीन है।
इसके साथ ही, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स फर्म M/s. Kishan Patel & Associates को फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए कंपनी का इंटरनल ऑडिटर चुना गया है। ये नियुक्तियां कंपनी के अंदरूनी वित्तीय नियंत्रण (Internal Financial Controls) और कॉर्पोरेट गवर्नेंस के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
पिछला अनुभव और वित्तीय स्थिति
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि MPF Systems Ltd अतीत में रेगुलेटरी जांच के दायरे में रही है। साल 2017 में, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs) ने इसे एक संभावित शेल कंपनी (Shell Company) के तौर पर पहचाना था, जिसके बाद SEBI ने शुरुआती तौर पर ट्रेडिंग पर रोक लगा दी थी। हालांकि बाद में SEBI को कोई निर्णायक सबूत नहीं मिला, लेकिन वित्तीय जांच की जरूरत पर जोर दिया गया था।
कंपनी पर फाइनेंशियल मिसरेप्रेजेंटेशन (Financial Misrepresentation) और डिस्क्लोजर लैप्स (Disclosure Lapses) के चलते SEBI ने ₹22,00,000 का जुर्माना भी लगाया था। पिछले कुछ समय से कंपनी में बोर्ड और मैनेजमेंट स्तर पर बदलाव जारी हैं।
आगे की राह
31 मार्च, 2025 तक कंपनी की नेट वर्थ (Net Worth) ₹(0.35) करोड़ निगेटिव थी। नई नियुक्तियों से बोर्ड की निगरानी मजबूत होने और इंटरनल ऑडिट फंक्शन (Internal Audit Function) के बेहतर होने की उम्मीद है। निवेशकों की नजरें Nidhi Joshi की नियुक्ति के लिए रेगुलेटरी अप्रूवल पर रहेंगी, साथ ही नए ऑडिटर की शुरुआती रिपोर्ट्स पर भी फोकस रहेगा।
