ESG स्कोर का मतलब क्या है?
NSE Sustainability Ratings & Analytics Limited ने Multi Commodity Exchange (MCX) को वित्त वर्ष 2025 के लिए 70 का ESG (Environmental, Social, and Governance) स्कोर दिया है। खास बात यह है कि यह रेटिंग पूरी तरह से सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध डेटा से तैयार की गई है, जिसमें MCX से कोई सीधा इनपुट नहीं लिया गया। यह स्कोर निवेशकों को कंपनी के सस्टेनेबिलिटी परफॉरमेंस और रिस्क मैनेजमेंट को समझने में मदद करता है।
NSE Sustainability का बैकग्राउंड
NSE Indices का हिस्सा NSE Sustainability Ratings and Analytics Limited को SEBI से अगस्त 2024 में ESG रेटिंग के लिए अप्रूवल मिला था और इसने जून 2025 में लिस्टेड कंपनियों के लिए अपनी सेवाएं शुरू कीं।
MCX की मार्केट पोजिशन और वॉल्यूम
भारत के प्राइमरी कमोडिटी डेरिवेटिव्स एक्सचेंज MCX का FY24-25 में कमोडिटी फ्यूचर्स मार्केट में लगभग 98.1% का दबदबा रहा। इस दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी शानदार बढ़ोतरी देखी गई। फ्यूचर्स का एवरेज डेली टर्नओवर 38% बढ़कर ₹27,153 करोड़ हो गया, जबकि ऑप्शंस का नोटशनल एवरेज डेली टर्नओवर 115% उछलकर ₹1,91,910 करोड़ पर पहुंच गया।
गवर्नेंस पर सवाल? SEBI का जुर्माना
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि MCX गवर्नेंस को लेकर रेगुलेटरी जांच के दायरे में भी रही है। मई 2025 में SEBI ने कंपनी पर ₹25 लाख का जुर्माना लगाया था। यह जुर्माना 63 Moons Technologies को किए गए बड़े भुगतानों के अपर्याप्त डिस्क्लोजर के कारण लगाया गया था, जिसका कंपनी के मुनाफे पर काफी असर पड़ा था। यह घटना कंपनी के गवर्नेंस डिस्क्लोजर की पुरानी चुनौतियों को उजागर करती है।
अन्य रेटिंग्स और सेक्टर तुलना
भारतीय एक्सचेंजों के बीच सीधे ESG की तुलना फिलहाल सीमित है। SES ESG Research ने भी MCX को FY25 के लिए 78.8 का ESG स्कोर दिया था, जो सार्वजनिक जानकारी पर आधारित था। सेक्टर की बात करें तो, भारत में आमतौर पर IT कंपनियां ESG मेट्रिक्स पर बेहतर प्रदर्शन करती हैं, जबकि ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पीछे रहता है।
आगे क्या?
यह ESG रेटिंग निवेशकों को MCX के सस्टेनेबिलिटी प्रयासों का एक मापक (quantitative measure) प्रदान करती है और मार्केट पार्टिसिपेंट्स के लिए पारदर्शिता बढ़ाती है। यह एक्सचेंज के भीतर सस्टेनेबिलिटी पहलों और रिपोर्टिंग पर अतिरिक्त ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित कर सकती है। भविष्य में, निवेशक कंपनी के गवर्नेंस को लेकर पारदर्शिता और पुरानी रेगुलेटरी खामियों को देखते हुए MCX की प्रतिबद्धता पर नजर रखेंगे।
