Longspur International Ventures Ltd की 6 अप्रैल, 2026 को हुई एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में शेयरधारकों ने कई अहम फैसले लिए। सबसे खास रहा ₹20.35 करोड़ का प्रेफरेंशियल शेयर इश्यू, जिसे बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। इस मीटिंग में कंपनी के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MOA) में बदलाव और ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल (Authorised Share Capital) को बढ़ाने के प्रस्तावों को भी पास कर दिया गया।
इस कैपिटल रेज (Capital Raise) का मुख्य मकसद कंपनी को नई फंडिंग देना है, जिससे वह अपने विस्तार या वर्किंग कैपिटल (Working Capital) की जरूरतों को पूरा कर सके। हालांकि, इस कदम से मौजूदा शेयरधारकों के हिस्से में कुछ कमी (Dilution) आ सकती है। कंपनी के वोटिंग नतीजों का ऐलान EGM खत्म होने के दो वर्किंग डेज के भीतर होने की उम्मीद है।
Longspur International Ventures, जिसकी स्थापना 1980 में हुई थी, वित्तीय सेवाओं और ट्रेडिंग के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी ने पहले भी फंड जुटाने की कोशिशें की हैं, जैसे 2013 में एक प्रेफरेंशियल इश्यू को वापस लेना पड़ा था। यह कैपिटल रेज हाल के बाजार रुझानों (Market Trends) के अनुरूप है, जहां Granules India, Apollo Micro Systems, और Sammaan Capital Limited जैसी कंपनियों ने भी अपने ऑपरेशन को मजबूत करने या ग्रोथ के लिए इसी तरह के प्रेफरेंशियल इश्यू या अलॉटमेंट किए हैं।
तीसरी तिमाही, जो 31 दिसंबर, 2025 को खत्म हुई, में कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹13.4 मिलियन और नेट प्रॉफिट ₹3.03 मिलियन रहा। नौ महीनों में रेवेन्यू ₹26.55 मिलियन और नेट प्रॉफिट ₹6.63 मिलियन था। जानकारों का कहना है कि इस नए फंड से कंपनी को तरलता (Liquidity) मिलेगी, पर एनालिस्ट्स (Analysts) ने 2026 की शुरुआत में कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ को लेकर चिंताएं जताई थीं। निवेशकों को अब EGM के नतीजों, रेगुलेटरी फाइलों, और फंड के इस्तेमाल पर नजर रखनी चाहिए।
