Laurus Labs ने पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए ₹6,813 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल (FY25) के मुकाबले 23% ज़्यादा है। इसी अवधि में, कंपनी का नेट प्रॉफिट 148% के भारी उछाल के साथ ₹889 करोड़ रहा। वहीं, Q4 FY26 के नतीजों में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹279 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 19% अधिक है। Q4 में रेवेन्यू ₹1,812 करोड़ रहा।
यह ग्रोथ मुख्य रूप से कंपनी के CDMO (Contract Development and Manufacturing Organization) और अफोर्डेबल मेडिसिन्स (जेनेरिक) डिवीजनों की शानदार परफॉरमेंस की वजह से आई है। बोर्ड ने ₹1.20 प्रति शेयर के दूसरे अंतरिम डिविडेंड (Dividend) को भी मंजूरी दे दी है।
निवेशकों को अब कंपनी के मैनेजमेंट की कमेंट्री सीधे सुनने को मिलेगी, क्योंकि अर्निंग्स कॉल की रिकॉर्डिंग जारी कर दी गई है। इससे कंपनी के प्रदर्शन के पीछे के मुख्य कारणों, भविष्य की योजनाओं, R&D प्रयासों और मार्केट डायनामिक्स पर गहरी जानकारी मिल सकती है।
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने Laurus Labs पर 'Buy' रेटिंग के साथ ₹1,280 का टारगेट प्राइस सेट किया है। हालांकि, ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा वैल्यूएशन अपने साथियों के मुकाबले थोड़ा महंगा है, जिस पर निवेशकों को नज़र रखनी चाहिए।
आगे चलकर, कंपनी के CDMO बिज़नेस की पाइपलाइन, नई टेक्नोलॉजी में निवेश (जैसे पेप्टाइड्स और जीन थेरेपी) और जेनेरिक व API सेगमेंट का प्रदर्शन ग्रोथ के लिए अहम होगा।
