Laurus Labs FY26 Results: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! **149%** बढ़ा प्रॉफिट, **₹1.20** डिविडेंड का ऐलान

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Laurus Labs FY26 Results: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! **149%** बढ़ा प्रॉफिट, **₹1.20** डिविडेंड का ऐलान
Overview

Laurus Labs ने अपने FY26 के ऑडिटेड नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने **149%** की भारी छलांग लगाते हुए **₹890 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि रेवेन्यू **₹6,813 करोड़** रहा। इसके साथ ही, शेयरधारकों को खुश करते हुए कंपनी के बोर्ड ने **₹1.20** प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) भी घोषित किया है।

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वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए Laurus Labs के घोषित नतीजे शानदार रहे हैं। कंपनी ने ₹6,812.90 करोड़ के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पर ₹889.85 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है। यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में मुनाफे में 149% की जबरदस्त बढ़ोतरी है, जो कंपनी की मजबूत परफॉरमेंस को दर्शाता है।

निवेशकों के लिए एक और अच्छी खबर यह है कि कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ₹1.20 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) को मंजूरी दे दी है। यह वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दूसरा अंतरिम डिविडेंड होगा। कंपनी की 21वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 2 जुलाई, 2026 को निर्धारित है, और डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 8 मई, 2026 रखी गई है।

यह दमदार नतीजों का श्रेय कंपनी की मजबूत ऑपरेशनल एफिशिएंसी और बाज़ार में उसके प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग को जाता है। अंतरिम डिविडेंड की घोषणा कंपनी के वित्तीय स्थिरता और शेयरधारकों को रिटर्न देने की प्रतिबद्धता पर उसके भरोसे को दर्शाती है। Laurus Labs अगले कुछ सालों में भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) की भी योजना बना रहा है, जिसमें FY26 और FY27 के लिए ₹1,000 करोड़ से अधिक का खर्च शामिल है। इस पैसे का इस्तेमाल पेप्टाइड डेवलपमेंट, एंटीबॉडी-ड्रग कंजुगेट्स (ADCs) और जीन थेरेपी फैसिलिटीज में क्षमताएं बढ़ाने के लिए किया जाएगा।

FY25 में भी, कंपनी ने ₹358 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था, जो पिछले साल से 122% अधिक था। इसका बड़ा कारण कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन (CDMO) सेगमेंट का मजबूत प्रदर्शन रहा है, जो कॉम्प्लेक्स एपीआई (API) और स्मॉल-मॉलिक्यूल ड्रग्स की मांग से प्रेरित है।

निवेशकों को ₹1.20 प्रति शेयर का डिविडेंड मिलेगा। कंपनी की अलग-अलग बिजनेस सेगमेंट्स, जैसे API, फॉर्मूलेशन और CDMO पर फोकस करने की रणनीति उसके नतीजों में साफ दिख रही है। R&D और एडवांस थेरेपी में लगातार निवेश Laurus Labs को भविष्य में और ग्रोथ के लिए तैयार कर रहा है।

हालांकि, कंपनी को कुछ नियामक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। Laurus Generics Inc., जो कंपनी की यूएस सब्सिडियरी है, को जनवरी 2025 में US FDA से कंप्लायंस प्रैक्टिस पर एक फॉर्म 483 (Form 483) मिला था। इसी तरह, Laurus Synthesis को मई 2024 में FDA से एक 'अनटाइटल्ड लेटर' मिला था, जिसमें Anakapalli प्लांट में क्वालिटी कंट्रोल और इक्विपमेंट क्लीनिंग को लेकर चिंता जताई गई थी। कंपनी इन मुद्दों को हल करने पर काम कर रही है, लेकिन फार्मा सेक्टर में रेगुलेटरी कंप्लायंस हमेशा महत्वपूर्ण रहता है।

API और CDMO स्पेस में Laurus Labs का मुकाबला Divi's Laboratories, Syngene International और Solara Active Pharma Sciences जैसी कंपनियों से है।

आगे चलकर, निवेशक 20 मई, 2026 के बाद डिविडेंड की पेमेंट प्रोसेस पर नजर रख सकते हैं। 2 जुलाई, 2026 को होने वाली AGM में कंपनी के भविष्य के ग्रोथ ड्राइवर्स और CAPEX पर चर्चा महत्वपूर्ण होगी। रेगुलेटरी कंप्लायंस और R&D पहलों पर किसी भी अपडेट पर भी नजर रखनी चाहिए।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.