LKP Securities का बड़ा दांव: 7.51 करोड़ का निवेश, बनेगी नई सब्सिडियरी
LKP Securities Ltd ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी ने ₹10.29 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट (Profit) दर्ज किया है। बोर्ड ने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन ₹0.20 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने का भी ऐलान किया है।
अब कंपनी ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाते हुए Bond Street Capital Private Limited में ₹7.51 करोड़ का निवेश करने का प्रस्ताव रखा है। इस निवेश के पूरा होने के बाद, Bond Street Capital, LKP Securities की सब्सिडियरी (Subsidiary) बन जाएगी।
बॉन्ड स्ट्रीट कैपिटल में निवेश की वजह
Bond Street Capital, जो फिक्स्ड इनकम सिक्योरिटीज (Fixed Income Securities) और डेट मार्केट (Debt Market) में विशेषज्ञता रखती है, के अधिग्रहण से LKP Securities अपने वित्तीय सेवा पोर्टफोलियो (Financial Services Portfolio) का विस्तार करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि इस कदम से कंपनी के लिए नए रेवेन्यू स्ट्रीम (Revenue Streams) खुलेंगे और LKP की मार्केट पोजीशन (Market Position) और मजबूत होगी।
गवर्नेंस और ऑडिट में भी हुए अहम फैसले
कंपनी ने अपने स्टेटुटरी ऑडिटर (Statutory Auditors) के तौर पर MGB & Co. LLP और इंटरनल ऑडिटर (Internal Auditors) के तौर पर M/s Shah & Ramaiya की नियुक्ति को बरकरार रखा है। साथ ही, Jahnavi Mehta को नया कंपनी सेक्रेटरी (Company Secretary) और कंप्लायंस ऑफिसर (Compliance Officer) नियुक्त किया गया है, जिससे गवर्नेंस में निरंतरता बनी रहेगी।
कंपनी का इतिहास और भविष्य की योजनाएं
1948 में स्थापित, LKP Securities भारत के वित्तीय क्षेत्र में स्टॉक ब्रोकिंग, मर्चेंट बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट जैसी सेवाएं प्रदान कर रही है। हाल के वर्षों में, कंपनी ने Wise Tech Platforms Private Limited में 50% हिस्सेदारी खरीदी थी और अपनी GIFT City सब्सिडियरी LKP IFSC में भी निवेश की योजना बना रही है। दूसरी ओर, 1983 में स्थापित Bond Street Capital, डेट मार्केट में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है।
हालांकि, बॉन्ड स्ट्रीट कैपिटल में निवेश की राह में शेयर अलॉटमेंट (Share Allotment) जैसे कदम बाकी हैं। LKP Securities को अतीत में SEBI से रिकॉर्ड-कीपिंग (Record-keeping) में नियमों का पालन न करने पर ₹4 लाख का जुर्माना भी झेलना पड़ा था।
निवेशक अब शेयरधारकों से डिविडेंड की मंजूरी, बॉन्ड स्ट्रीट कैपिटल में निवेश के सफल समापन और इसके बाद के इंटीग्रेशन पर बारीकी से नजर रखेंगे।
