शेयरहोल्डर्स का भरोसा, मिली 100% वोट की मंजूरी
कंपनी ने 21 मार्च 2026 को यह घोषणा की है कि शेयरधारकों ने डॉ. विनय बालाजी नायडू को नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में दोबारा नियुक्त करने को भारी बहुमत से मंजूरी दे दी है। डॉ. नायडू अब 04 अगस्त 2026 से 03 अगस्त 2031 तक, यानी लगातार अगले पांच साल तक यह पद संभालेंगे।
इस प्रस्ताव के पक्ष में कुल 1,75,94,146 वैध वोट डाले गए, जो कि 100.00% है। इसके विपरीत केवल 275 वोट ही इसके विरोध में पड़े, जिन्हें नगण्य माना जा रहा है। वोटिंग के कट-ऑफ डेट तक कंपनी के कुल शेयरधारकों की संख्या 38,081 थी।
क्यों खास है यह नियुक्ति?
इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स कंपनी के गवर्नेंस (Governance) को मज़बूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। वे निष्पक्ष होकर बोर्ड को सलाह देते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि कंपनी सभी हितधारकों (Stakeholders) के सर्वोत्तम हितों में काम करे। डॉ. नायडू का कार्यकाल जारी रहने से बोर्ड के फैसलों और गवर्नेंस ढांचे में स्थिरता और एकरूपता बनी रहेगी।
डॉ. नायडू पहली बार 04 अगस्त 2021 को L.G. Balakrishnan & Bros Limited के बोर्ड में अतिरिक्त डायरेक्टर के तौर पर शामिल हुए थे, जिनका इरादा नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर सेवा देना था। उन्हें माइक्रो-एंडोडोंटिक्स (Micro-endodontics) में उनकी विशेषज्ञता से कंपनी को फायदा मिलता है। कंपनी की यह परंपरा रही है कि वे निरंतरता बनाए रखने के लिए डायरेक्टर्स को अगले कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त करती है।
कंपनी ने यह भी पुष्टि की है कि डॉ. विनय बालाजी नायडू किसी भी रेगुलेटरी अथॉरिटी (Regulatory Authority) द्वारा डायरेक्टर का पद संभालने से प्रतिबंधित नहीं हैं।
L.G. Balakrishnan & Bros Limited ऑटो कंपोनेंट्स (Auto Components) जैसे प्रतिस्पर्धी सेक्टर में काम करती है। इसी क्षेत्र की अन्य कंपनियों में Schaeffler India, Bosch, Bharat Forge, Tube Investments और Sona Comstar शामिल हैं।
