कंपनी ने 16 मई 2026 को फाइलिंग में बताया कि 31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाली अवधि के लिए Planned Related Party Transactions (RPTs) की कुल वैल्यू ₹269.28 है। साथ ही, ₹2500.00 के प्रिंसिपल एडवांसेस (Principal Advances) भी बताए गए हैं। इस फाइलिंग का एक मुख्य पहलू यह है कि इन मौद्रिक आंकड़ों (monetary figures) के लिए स्पेसिफिक यूनिट्स (specific units) नहीं दी गई हैं, जो निवेशकों की पूछताछ का कारण बन सकती हैं।
यह खुलासा SEBI के नियमों के तहत अनिवार्य है, जिसका उद्देश्य लिस्टेड कंपनी और उससे जुड़ी संस्थाओं (connected entities) के बीच होने वाले ट्रांजैक्शंस (transactions) में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इसमें प्रमोटर्स, सब्सिडियरीज (subsidiaries) और अन्य संबंधित पक्षों के साथ होने वाले सौदे शामिल हैं।
Related Party Transactions (RPTs) पर निवेशक और रेगुलेटर्स (regulators) अक्सर बारीकी से नजर रखते हैं। शेयरधारकों के लिए, कंपनियों द्वारा संबंधित पक्षों के साथ व्यापार कैसे किया जाता है, इसमें पारदर्शिता और निष्पक्षता (fairness) अच्छी कॉर्पोरेट गवर्नेंस (corporate governance) के महत्वपूर्ण संकेतकों के रूप में काम करते हैं और ये वित्तीय प्रदर्शन (financial performance) और एसेट वैल्यूएशन (asset valuation) को प्रभावित कर सकते हैं।
RPT खुलासों की आवश्यकता SEBI द्वारा संभावित हितों के टकराव (conflicts of interest) को रोकने के प्रयासों से उपजी है। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ऐसे ट्रांजैक्शंस आर्म्स-लेंथ बेसिस (arm's-length basis) पर किए जाएं, ताकि सभी शेयरधारकों के हितों की रक्षा हो सके।
यह फाइलिंग शेयरधारकों को कृष्णा वेंचर्स और उसके संबंधित पक्षों के बीच संभावित भविष्य की वित्तीय गतिविधियों का शुरुआती दृश्य (early view) प्रदान करती है। निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बिंदु रिपोर्ट की गई ट्रांजैक्शन राशियों के लिए यूनिट्स का उल्लेख न होना है, जिसके लिए कंपनी से स्पष्टीकरण की आवश्यकता होगी। निवेशक इन भविष्य के ट्रांजैक्शंस की वास्तविक शर्तों (actual terms) और होने की संभावना पर भी नजर रखेंगे, साथ ही इन RPTs को लेकर SEBI की ओर से किसी भी संभावित भविष्य की कार्रवाई या पूछताछ पर भी ध्यान देंगे।