ट्रेडिंग विंडो पर SEBI का पहरा
Kohinoor Foods Limited ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया है कि वह अपने डायरेक्टर्स, डेजिग्नेटेड एम्प्लॉइज (designated employees) और उनके करीबियों के लिए ट्रेडिंग विंडो बंद कर रही है। यह कदम SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के तहत उठाया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकना और शेयर बाजार में निष्पक्षता बनाए रखना है। यह विंडो 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होकर कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के ऑडिटेड नतीजों के ऐलान के 48 घंटे बाद तक बंद रहेगी।
क्यों उठाई गई यह कार्रवाई?
इन नियमों के तहत, ट्रेडिंग विंडो बंद करने का मतलब है कि जिन लोगों के पास कंपनी के वित्तीय नतीजों से जुड़ी कोई भी अंदरूनी या कीमत-संवेदनशील जानकारी है, वे सार्वजनिक ऐलान से पहले कंपनी के शेयर नहीं खरीद या बेच सकते। यह शेयर बाजार की अखंडता को बनाए रखने और निवेशकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
कंपनी का प्रोफाइल और वित्तीय हालात
Kohinoor Foods भारत के फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में बासमती चावल, रेडी-टू-ईट मील्स, मसाले और घी जैसे उत्पादों के लिए जानी जाती है। हालांकि, कंपनी का पिछला रिकॉर्ड कुछ चुनौतियों भरा रहा है। जून 2018 में इसके खाते नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) घोषित कर दिए गए थे। हालिया तिमाही (Q3 FY26) में, कंपनी ने 183.68% की शानदार साल-दर-साल रेवेन्यू ग्रोथ दिखाई, लेकिन इसी तिमाही में ₹4.25 करोड़ का नेट लॉस भी दर्ज किया। कंपनी पहले भी नियामक कार्रवाईयों का सामना कर चुकी है; 2013 में SEBI ने 2007 से 2009 के बीच Kohinoor Foods के शेयरों में मैनिपुलेटिव ट्रेडिंग (manipulative trading) के लिए एक व्यक्ति पर ₹25 लाख का जुर्माना लगाया था।
आगे क्या उम्मीद करें?
निवेशक अब कंपनी द्वारा 31 मार्च, 2026 को समाप्त हो रहे फाइनेंशियल ईयर के लिए ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजों की घोषणा की तारीख का इंतजार करेंगे। नतीजों के ऐलान के साथ ही, कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की रणनीतियों पर कंपनी के बयानों पर भी नजरें रहेंगी।