कंपनी की बिगड़ी हालत
KD Leisures Limited ने अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी किए हैं, और तस्वीर बेहद चिंताजनक है। कंपनी का फाइनेंशियल ईयर 2024-25 और 2023-24 में ऑपरेशन्स से रेवेन्यू ज़ीरो रहा है। 31 मार्च, 2025 तक कंपनी की कुल संपत्ति ₹186.52 लाख थी, जबकि कुल इक्विटी ₹1.62 करोड़ पर थी।
SEBI का बड़ा एक्शन और ट्रेडिंग सस्पेंशन
इस बीच, मार्केट रेगुलेटर SEBI ने कंपनी के लिए कंपल्सरी डिलिस्टिंग का आदेश जारी किया है। यह कंपनी के लिए एक बहुत बड़ा झटका है, जिसका मतलब है कि कंपनी जल्द ही स्टॉक एक्सचेंज से बाहर हो जाएगी। कंपनी के शेयर्स पहले से ही जून 2023 से ट्रेडिंग के लिए सस्पेंड चल रहे हैं।
ऑडिट की गंभीर खामियां और टैक्स समस्याएँ
इंडिपेंडेंट ऑडिटर की रिपोर्ट में भी कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं। ऑडिटर्स ने लोन वेरिफिकेशन में दिक्कतें बताई हैं और कंपनी पर टैक्स नियमों का पालन न करने का भी आरोप लगाया है। इससे भी बड़ी बात यह है कि कंपनी असेसमेंट ईयर 2021-22 से अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं कर रही है।
आगामी AGM और भविष्य की राह
कंपनी अपनी 44वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 1 दिसंबर 2025 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित करने की तैयारी कर रही है। इस मीटिंग में ऑडिटर की नियुक्ति, डायरेक्टर (Mr. Parminder Singh) की पुनः नियुक्ति और फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को मंजूरी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
शेयरधारकों के लिए यह स्थिति बेहद नाजुक है। कंपल्सरी डिलिस्टिंग के आदेश का मतलब है कि उनके शेयर्स की लिक्विडिटी खत्म हो जाएगी और वे बेकार साबित हो सकते हैं। कंपनी को अब SEBI के डिलिस्टिंग नियमों का पालन करना होगा और ऑडिट में पाई गई दिक्कतों को दूर करने के लिए कदम उठाने होंगे।
