क्यों उठाया यह कदम?
यह कदम इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) को रोकने के लिए एक मानक प्रक्रिया है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जिन लोगों के पास कंपनी की गैर-सार्वजनिक, मूल्य-संवेदनशील जानकारी है, वे उस जानकारी के सार्वजनिक होने से पहले कंपनी के शेयर खरीद या बेच न सकें। यह बाजार की अखंडता को बनाए रखता है और सभी निवेशकों के लिए एक निष्पक्ष ट्रेडिंग माहौल को बढ़ावा देता है।
कंपनी का बैकग्राउंड
Indbank Merchant Banking Services Ltd. की स्थापना 1989 में हुई थी और यह इंडियन बैंक (Indian Bank) की पूरी तरह से स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। यह SEBI के साथ एक कैटेगरी 1 मर्चेंट बैंकर के रूप में रजिस्टर्ड है और NSE व BSE की सदस्य है, जो विभिन्न प्रकार की वित्तीय सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी अपनी इंटरनल इनसाइडर ट्रेडिंग पॉलिसी के माध्यम से SEBI के (प्रोहिबिशन ऑफ इनसाइडर ट्रेडिंग) रेगुलेशंस, 2015 का पालन करती है। SEBI ने हाल ही में इन नियमों को अपडेट किया है, जिसमें डेजिग्नेटेड पर्सन्स के तत्काल रिश्तेदारों के लिए ट्रेडिंग विंडो की अनिवार्य क्लोजर अवधि को जुलाई 2025 से चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है।
ट्रेडिंग पर क्या हैं प्रतिबंध?
इस क्लोजर के तहत, डेजिग्नेटेड पर्सन्स और उनके करीबी रिश्तेदारों को Indbank Merchant Banking Services Ltd. के शेयर खरीदने या बेचने की मनाही है। यह प्रतिबंध 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाले तिमाही और पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए कंपनी द्वारा अपने वित्तीय परिणामों की आधिकारिक घोषणा के 48 घंटे बाद तक प्रभावी रहेगा।
इंडस्ट्री स्टैंडर्ड
यह नीति भारतीय शेयर बाजार में आम तौर पर अपनाई जाने वाली प्रथाओं के अनुरूप है। मोतीलल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services) जैसी अधिकांश पब्लिकली लिस्टेड फाइनेंशियल सर्विसेज फर्में SEBI द्वारा अनिवार्य की गई इसी तरह की ट्रेडिंग विंडो क्लोजर नियमों का पालन करती हैं। यह कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) और नियामक अनुपालन का एक बुनियादी पहलू है।
खास तारीखें
- ट्रेडिंग विंडो क्लोजर प्रभावी तिथि: 31 मार्च, 2026
- ट्रेडिंग विंडो फिर से खुलने का समय: 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाले तिमाही और वर्ष के वित्तीय परिणामों की घोषणा के 48 घंटे बाद।
