रेवेन्यू में क्यों आया ठहराव?
FY26 के लिए IIFL Capital Services का ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹2,439 करोड़ रहा, जो कि पिछले साल के बराबर है। SEBI द्वारा रिटेल इक्विटी कारोबार पर लगाए गए नए रेगुलेटरी नियमों के चलते कंपनी के इस सेगमेंट का रेवेन्यू 9% घटकर ₹1,121 करोड़ रह गया।
FPD सेगमेंट ने बटोरी सुर्खियां
हालांकि, कंपनी के Financial Product Distribution (FPD) सेगमेंट ने शानदार प्रदर्शन किया। इस सेगमेंट से होने वाली आय 16% बढ़कर ₹590 करोड़ पर पहुंच गई। कंपनी का Assets Under Management (AUM) भी बढ़कर ₹52,000 करोड़ हो गया, जो भविष्य की ग्रोथ का संकेत है।
खर्चे और आय
खर्चों की बात करें तो, कर्मचारियों की संख्या में की गई योजनाबद्ध बढ़ोतरी और एक बार के विशेष चार्ज के कारण कर्मचारी लागत ₹687 करोड़ तक पहुंच गई। वहीं, Margin Trading Facility (MTF) बुक में बढ़ोतरी के चलते फाइनेंस कॉस्ट 17% बढ़कर ₹210 करोड़ हो गई। इसके अलावा, कंपनी को अपनी सब्सिडियरी के रियल एस्टेट की बिक्री से ₹90 करोड़ का मुनाफा भी हुआ।
₹56 करोड़ का टैक्स नोटिस और भविष्य की चिंताएं
सबसे बड़ी खबर यह है कि कंपनी को 2018-2025 की अवधि के लिए ₹56 करोड़ का टैक्स डिमांड नोटिस मिला है। IIFL Capital Services ने इस नोटिस के खिलाफ अपील करने की योजना बनाई है।
आगे चलकर, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आने वाले नए नियमों से कंपनी के मार्जिन और वर्किंग कैपिटल पर थोड़े समय के लिए दबाव पड़ने की उम्मीद है।
मैनेजमेंट का भरोसा और आगे की रणनीति
इसके बावजूद, मैनेजमेंट का आत्मविश्वास मजबूत है। उनका लक्ष्य लगभग 20% का विस्तार करना है और उनका कहना है कि 'ग्रोथ के लिए उनके पास काफी दमखम है'। कंपनी अपनी डिस्ट्रीब्यूशन और वेल्थ मैनेजमेंट वर्टिकल के विस्तार पर जोर दे रही है, जिसके लिए ₹3,000 करोड़ से अधिक का नेट वर्थ सहारा देगा।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
कंपनी के सामने मुख्य जोखिमों में लगातार बदलते रेगुलेटरी माहौल, टैक्स विवाद का संभावित वित्तीय प्रभाव और MTF बुक को प्रभावित करने वाली बाजार की अस्थिरता शामिल हैं। IIFL Capital Services Anand Rathi Wealth और Angel One जैसे दिग्गजों के साथ प्रतिस्पर्धी माहौल में काम करती है।
निवेशकों की नजर अब कंपनी द्वारा टैक्स डिमांड के खिलाफ दायर की जाने वाली अपील, 1 जुलाई से लागू होने वाले नए RBI नियमों का वर्किंग कैपिटल और मार्जिन पर वास्तविक प्रभाव, और FPD आय व AUM में ग्रोथ की रफ्तार पर रहेगी। साथ ही, वेल्थ रिलेशनशिप मैनेजर्स की संख्या बढ़ाने के मैनेजमेंट के प्लान पर भी बारीक नजर रखी जाएगी।
