FY26 में कंपनी का दमदार प्रदर्शन
Home First Finance Company India Ltd ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजों को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने इस दौरान ₹1,914.59 करोड़ का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस दर्ज किया। वहीं, पूरे साल का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹540.38 करोड़ रहा।
चौथी तिमाही के नतीजे
अगर सिर्फ चौथी तिमाही (Q4 FY26) की बात करें, तो कंपनी का PAT ₹149.45 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹501.41 करोड़ दर्ज किया गया।
डिविडेंड और फंड जुटाने की योजना
कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, ₹5.20 प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है। इसके अलावा, कंपनी ने फंडिंग को मजबूत करने के लिए प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए ₹1,000 करोड़ तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने की मंजूरी भी दे दी है।
भविष्य की ग्रोथ और फंडिंग
Home First Finance, जो कि एक टेक्नोलॉजी-संचालित अफोर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस फर्म है, अपनी पूंजी के आधार को लगातार मजबूत कर रही है। कंपनी ने अप्रैल 2025 में ₹1,250 करोड़ का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) जुटाया था। साथ ही, दिसंबर 2022 में ग्रीन हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IFC) से ₹280 करोड़ की फंडिंग भी हासिल की थी। कंपनी के पास Axis Bank और Central Bank of India जैसे बड़े बैंकों के साथ को-लेंडिंग पार्टनरशिप भी है। इसके एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में भी अच्छी ग्रोथ देखी गई है, जो 31 दिसंबर 2025 तक बढ़कर ₹14,925 करोड़ हो गया था।
शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी
आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों को प्रस्तावित डिविडेंड, दो डायरेक्टर्स (Ms. Geeta Dutta Goel और Mr. Anuj Srivastava) की पुनः नियुक्ति, और संयुक्त सांविधिक ऑडिटर (M/s. Batliboi & Purohit) की नियुक्ति पर वोट करना होगा।
कंपनी का रेगुलेटरी इतिहास
NCDs जारी करने और डिविडेंड के लिए सामान्य शेयरधारक और नियामक मंजूरी की आवश्यकता होगी। कंपनी अतीत में नियामक जांच के दायरे में भी रही है। दिसंबर 2023 में, सेबी ने एक कर्मचारी पर इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के उल्लंघन के लिए जुर्माना लगाया था। इसके अलावा, कंपनी को 2019 और 2020 में नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) द्वारा हाउसिंग फाइनेंस दिशा-निर्देशों का पालन न करने पर भी जुर्माना झेलना पड़ा था।
प्रतिस्पर्धी माहौल
Home First Finance, Bajaj Finance, Shriram Finance, Aavas Financiers और India Shelter Finance Corporation जैसी कंपनियों के साथ हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में प्रतिस्पर्धा करती है।
