Hexa Tradex Share Price: निवेशकों को झटका! कमाई **98%** गिरी, कंपनी डेलिस्टिंग की राह पर

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Hexa Tradex Share Price: निवेशकों को झटका! कमाई **98%** गिरी, कंपनी डेलिस्टिंग की राह पर
Overview

Hexa Tradex लिमिटेड के FY26 के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस तो घटकर **₹8.72 करोड़** पर आ गया है, लेकिन इसकी स्टैंडअलोन टोटल इनकम में **98.84%** की भारी गिरावट आई है और यह सिर्फ **₹0.08 करोड़** रह गई है। ऐसे में, SEBI की चल रही जांच और कंपनी के डेलिस्टिंग प्रोसेस को देखते हुए निवेशकों का भविष्य अनिश्चित नजर आ रहा है।

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कंसोलिडेटेड मुनाफे में सुधार, पर स्टैंडअलोन पर भारी संकट

Hexa Tradex लिमिटेड ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड सालाना नेट लॉस पिछले साल के ₹24.95 करोड़ से घटकर ₹8.72 करोड़ (या ₹871.99 लाख) रह गया है। वहीं, कंसोलिडेटेड टोटल इनकम FY26 में ₹545.59 लाख रही, जो FY25 के ₹1,245.50 लाख से 56.19% कम है।

स्टैंडअलोन इनकम में 99% की गिरावट

दूसरी ओर, कंपनी के स्टैंडअलोन (Standalone) नतीजों ने चिंता बढ़ा दी है। स्टैंडअलोन टोटल इनकम में भारी भरकम 98.84% की गिरावट दर्ज की गई है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹677.25 लाख से घटकर इस साल सिर्फ ₹7.86 लाख (या ₹0.08 करोड़) रह गई है। इतना ही नहीं, स्टैंडअलोन ऑपरेशंस जहां FY25 में ₹187.87 लाख के प्रॉफिट में थे, वहीं FY26 में ₹295.31 लाख के नेट लॉस में चले गए हैं।

चौथी तिमाही के नतीजे

FY26 की चौथी तिमाही (Q4) में, कंसोलिडेटेड इनकम ₹150.88 लाख रही, जो पिछले साल की समान तिमाही से 12.73% कम है। तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड नेट लॉस थोड़ा सुधरकर ₹331.72 लाख रहा, जबकि Q4 FY25 में यह ₹369.38 लाख था।

नतीजों के मायने और आगे का रास्ता

कंसोलिडेटेड लॉस का कम होना एक अच्छी खबर जरूर है, लेकिन स्टैंडअलोन इनकम में आई भारी गिरावट और स्टैंडअलोन लेवल पर प्रॉफिट से लॉस में जाना कंपनी की ऑपरेशनल दिक्कतों को साफ दिखाता है। इसके अलावा, SEBI से शो कॉज नोटिस (Show Cause Notice) का इंतजार और कंपनी का डेलिस्टिंग (Delisting) प्रोसेस, ये सभी मिलकर कंपनी के भविष्य पर बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं।

शेयरहोल्डर्स के लिए अनिश्चितता

शेयरहोल्डर्स के लिए आगे का रास्ता काफी अनिश्चित है। अगर डेलिस्टिंग प्रोसेस को मंजूरी मिल जाती है, तो कंपनी के शेयर स्टॉक एक्सचेंज से हटा दिए जाएंगे, जिसका सीधा असर लिक्विडिटी और भविष्य के निवेश के अवसरों पर पड़ेगा। स्टैंडअलोन इनकम में आई भारी गिरावट कंपनी की कोर ऑपरेशंस की सेहत पर सवाल खड़े करती है।

मुख्य जोखिम (Key Risks)

कंपनी के लिए सबसे बड़े जोखिम SEBI जांच का नतीजा, उसके संभावित पेनल्टी या अन्य रेगुलेटरी एक्शन हैं। वहीं, डेलिस्टिंग प्रोसेस का सफल होना और उसकी शर्तें भी अनिश्चितता पैदा कर रही हैं। इसके अलावा, ऑपरेशनल लॉसेस, खासकर स्टैंडअलोन लेवल पर, चिंता का विषय बने हुए हैं।

आगे क्या देखें?

निवेशकों को SEBI के शो कॉज नोटिस और उसके नतीजों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। साथ ही, डेलिस्टिंग प्रोसेस की प्रगति और स्टॉक एक्सचेंज से मिलने वाली अंतिम मंजूरी पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.