Godavari Drugs Limited में प्रमोटर घनश्याम जाजू की एक बड़ी चाल सामने आई है। उन्होंने कंपनी में 180,000 कनवर्टिबल वॉरंट्स खरीदे हैं। यह एक्विजिशन एक प्रीफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) के माध्यम से हुआ है, जिसके बाद घनश्याम जाजू की संभावित डाइल्यूटेड शेयरहोल्डिंग बढ़कर लगभग 4.24% हो गई है। यह जानकारी 20 मार्च 2026 को सार्वजनिक की गई।
यह कदम प्रमोटर के कंपनी के भविष्य पर बढ़ते विश्वास को दिखाता है। हालांकि, मौजूदा शेयरधारकों के लिए यह भविष्य में शेयर डाइल्यूशन (Dilution) की चिंताएं भी पैदा कर सकता है। अगर ये वॉरंट्स बाद में इक्विटी शेयर्स में तब्दील होते हैं, तो आपकी हिस्सेदारी का प्रतिशत कम हो सकता है।
दरअसल, Godavari Drugs के बोर्ड ने जनवरी 2026 में ही प्रीफरेंशियल इश्यू के जरिए इक्विटी शेयर्स और कनवर्टिबल वॉरंट्स बेचकर फंड जुटाने की योजना को मंजूरी दे दी थी। घनश्याम जाजू, जो कंपनी के प्रमोटर हैं, का कंपनी से पुराना नाता रहा है। हाल के क्वार्टर में प्रमोटर होल्डिंग्स करीब 52.61% के स्तर पर स्थिर बनी हुई थी।
इस खास ट्रांजेक्शन के बाद, कंपनी की इक्विटी शेयर कैपिटल ₹7.53 करोड़ से बढ़कर ₹10.13 करोड़ हो गई है। वहीं, कंपनी की कुल डाइल्यूटेड शेयर और वोटिंग कैपिटल का मूल्य अब ₹12.49 करोड़ आंका गया है।
अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि घनश्याम जाजू इन कनवर्टिबल वॉरंट्स को कब और कैसे एक्सरसाइज करते हैं। कंपनी की तरफ से किसी भी नई फंडरेज़िंग या शेयर इश्यू की घोषणा पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी। यदि वॉरंट्स कन्वर्ट होते हैं, तो कंपनी के अर्निंग्स पर शेयर (EPS) जैसे महत्वपूर्ण मेट्रिक्स पर इसके असर का आकलन करना भी बेहद जरूरी होगा।
