Gemstone Investments Ltd की तरफ से जारी जानकारी के मुताबिक, Dhairya Management Services Private Limited ने कंपनी में 2 करोड़ शेयर्स का अधिग्रहण किया है, जो कंपनी की कुल शेयर कैपिटल का 13.65% है। हालांकि, इस डील की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह सौदा 21 अप्रैल 2024 को हुआ था, लेकिन इसका खुलासा एक्सचेंजों को 22 अप्रैल 2026 को किया गया, यानी पूरे 2 साल की भारी देरी से।
यह 2 साल की देरी Gemstone Investments की कॉर्पोरेट गवर्नेंस और समय पर रेगुलेटरी डिस्क्लोजर की कंप्लायंस पर गंभीर सवाल खड़े करती है। Dhairya Management अब 13.65% की शेयरहोल्डिंग के साथ एक प्रमुख शेयरधारक बन गई है, जो कंपनी की भविष्य की रणनीतियों और फैसलों को प्रभावित कर सकती है।
अपनी स्थापना (1994) से Gemstone Investments एक एनबीएफसी (NBFC) के तौर पर काम कर रही है, जो फाइनेंसिंग और इन्वेस्टमेंट, खासकर असंगठित क्षेत्र में अपनी सेवाएं देती है। हालांकि, कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन चिंताजनक रहा है। पिछले 5 सालों में कंपनी का सेल्स ग्रोथ -9.06% रहा है, और पिछले 3 सालों का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) महज़ 1.24% रहा है।
यह भी गौरतलब है कि Gemstone Investments का अतीत सेबी (SEBI) के साथ विवादों भरा रहा है, जहां कंपनी के शेयर्स में मार्केट मैनिपुलेशन और फ्रॉडुलेंट ट्रेडिंग के लिए कुछ संस्थाओं पर जुर्माना लगाया गया था। इस बड़े शेयरहोल्डिंग बदलाव और देरी से हुए खुलासे का असर मौजूदा शेयरधारकों पर पड़ सकता है और बाजार अब कंपनी के कंप्लायंस पर कड़ी नजर रखेगा।
