Galaxy Agrico Exports लिमिटेड इस वक्त एक बड़े स्ट्रैटेजिक बदलाव (Strategic Change) से गुज़र रही है। कंपनी ने पिछले साल अपने एग्री बिजनेस को ₹9.25 करोड़ की स्लम सेल (Slump Sale) में बेचा था। अब, वह फाइनेंशियल सर्विसेज में उतरने के लिए अर्थ कैपिटल फिनवेस्ट लिमिटेड में हिस्सेदारी खरीद रही है। इस दिशा में, जनवरी 2026 में ₹48.99 करोड़ का राइट्स इश्यू (Rights Issue) भी मंजूर किया गया था।
कंपनी ने दिसंबर 2025 तिमाही के लिए ₹5.31 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) दर्ज किया है। हालांकि, यह प्रॉफिट मुख्य रूप से कुछ खास आय (exceptional items) के कारण बढ़ा है। इसी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) ₹0.75 करोड़ रहा।
शेयर बेचने वाली मालाबेन रजनीकांत सदारिया ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को बताया कि उन्होंने 1,08,000 शेयर बेचे हैं। यह बिक्री 25 मार्च, 2026 को हुई और कंपनी की कुल शेयर पूंजी का 0.62% है। यह ट्रांजेक्शन SEBI के नियमों के तहत किया गया।
यह पहला मौका नहीं है जब प्रमोटर्स (Promoters) ने हिस्सेदारी कम की है। हर्षबेन और मौसमी सदारिया जैसे प्रमोटर्स भी अपने शेयर बेच चुके हैं। वहीं, नॉन-प्रमोटर छाया गौरंग शाह ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 7.11% कर ली है।
यह समझना ज़रूरी है कि कंपनी पिछले 5 सालों से सेल्स ग्रोथ में धीमी गति और वर्किंग कैपिटल (Working Capital) की बढ़ती जरूरत जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। दिसंबर 2025 की तिमाही में ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस (Operating Expenses) बढ़ गए थे, जिससे ऑपरेटिंग प्रॉफिट (Operating Profit) पांच तिमाहियों के निचले स्तर पर आ गया था। भले ही नेट प्रॉफिट खास आय से बढ़ा हो, लेकिन कंपनी के ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस पर पैनी नजर रखना ज़रूरी है।
निवेशकों को अब कंपनी की फाइनेंशियल सर्विसेज में विस्तार की रणनीति पर ध्यान देना होगा। यह देखना अहम होगा कि क्या Galaxy Agrico अपने इस नए बिजनेस मॉडल में सफल हो पाती है और लगातार मुनाफा कमा पाती है।
