नेतृत्व में बड़ा बदलाव
FDC लिमिटेड ने कंपनी के प्रशासन में अहम घोषणाएं की हैं, जो 1 अप्रैल, 2026 से लागू होंगी। इस बदलाव के तहत, मौजूदा मैनेजिंग डायरेक्टर मोहन चंद्रावरकर को चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) की दोहरी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
क्यों हो रहा है यह बदलाव?
यह महत्वपूर्ण कदम इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और चेयरमैन सीए उदय कुमार गुरकर के कार्यकाल के पूरा होने के बाद उठाया गया है। इसके साथ ही, कंपनी ने अपनी प्रमुख बोर्ड कमेटियों - ऑडिट कमेटी, नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमेटी और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) कमेटी - की सदस्य सूची में भी संशोधन किया है।
निवेशक क्या देखें?
यह फेरबदल FDC लिमिटेड में नेतृत्व को चंद्रावरकर के हाथों में केंद्रित करता है, जो कंपनी के लिए एक स्पष्ट रणनीतिक दिशा प्रदान कर सकता है। बोर्ड कमेटियों का पुनर्गठन शासन (governance) के क्षेत्रों पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने का संकेत देता है। निवेशकों के लिए, नेतृत्व की निरंतरता और प्रभावी शासन व्यवस्था पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
मोहन चंद्रावरकर का अनुभव
मोहन चंद्रावरकर का FDC लिमिटेड से गहरा नाता रहा है, वे 1958 से कंपनी के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने 1999 से ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर और चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर सहित कई प्रमुख भूमिकाएँ निभाई हैं। उनका लंबा अनुभव उनकी नई, विस्तारित जिम्मेदारियों के लिए महत्वपूर्ण है। सीए उदय कुमार गुरकर ने इंडिपेंडेंट चेयरमैन के तौर पर कंपनी के प्रशासन में योगदान दिया।
FDC लिमिटेड एक स्थापित फार्मास्युटिकल कंपनी है जिसका वैश्विक स्तर पर कारोबार है।
