SEBI के सख्त दिशानिर्देशों के चलते, Evoq Remedies Limited ने अपने शेयर ट्रेडिंग विंडो को 1 अप्रैल, 2026 से बंद कर दिया है। यह फैसला कंपनी के FY26 के वित्तीय नतीजों की घोषणा से ठीक पहले लिया गया है।
इस अवधि के दौरान, कंपनी के डायरेक्टर्स, प्रमोटर्स और अन्य अंदरूनी सदस्यों (Insiders) को कंपनी के शेयरों की खरीद-बिक्री की इजाजत नहीं होगी। यह पाबंदी नतीजों के सार्वजनिक होने के 48 घंटे बाद ही हटाई जाएगी। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकना और बाजार में निष्पक्षता (Fairness) बनाए रखना है।
Evoq Remedies, जो फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स और कैस्टर ऑयल के कारोबार में शामिल है, हर साल अप्रैल के आसपास अपने वित्तीय नतीजे घोषित करती रही है। पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में, कंपनी ने ₹11.76 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था, जबकि नेट प्रॉफिट (Net Profit) घटकर सिर्फ ₹0.09 करोड़ रह गया था। कंपनी की कुल संपत्ति ₹50.01 करोड़ थी।
हालांकि, कंपनी के सामने कई बड़े जोखिम और चुनौतियां भी हैं। SEBI खुद कंपनी के वित्तीय बयानों और प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट से फंड के इस्तेमाल को लेकर जांच कर रहा है। कंपनी ऑडिट ट्रेल सॉफ्टवेयर लागू करने में नाकाम रही है। इसके अलावा, ₹655.03 लाख के GST डिमांड, इनकम टैक्स विवाद, ₹1,250.87 लाख के अनकन्फर्म्ड सप्लायर एडवांसेज (Supplier Advances) और ₹668.86 लाख तक के लोन जैसे मामले भी चिंता का विषय हैं। ऑडिटर ने नॉन-कम्प्लायंट रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन्स पर भी सवाल उठाए हैं। कंपनी का पिछला वित्तीय प्रदर्शन भी मिला-जुला रहा है, जिसमें हाल के समय में ऑपरेटिंग लॉसेज (Operating Losses) और निगेटिव कैश फ्लो (Negative Cash Flow) भी शामिल हैं।
भारतीय फार्मा सेक्टर की बड़ी कंपनियों जैसे सन फार्मा, ल्यूपिन और डॉ. रेड्डीज के मुकाबले, Evoq Remedies का बिजनेस मॉडल अलग है, जो ट्रेडिंग और डिस्ट्रीब्यूशन पर ज्यादा केंद्रित है।
निवेशक अब Evoq Remedies के FY26 के विस्तृत वित्तीय नतीजों का इंतजार कर रहे हैं, जो कंपनी की वास्तविक वित्तीय सेहत का अंदाजा देंगे। इन नतीजों के बाद ही यह साफ होगा कि कंपनी आगे की राह कैसे तय करती है।
