Edelweiss FY26 Results: कमाई में 27% की बंपर ग्रोथ, बोर्ड ने दी डिविडेंड की सौगात!

OTHER
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Edelweiss FY26 Results: कमाई में 27% की बंपर ग्रोथ, बोर्ड ने दी डिविडेंड की सौगात!
Overview

Edelweiss Financial Services ने FY26 के लिए अपने शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट **27%** बढ़कर **₹680 करोड़** रहा, जबकि कुल रेवेन्यू **₹10,865 करोड़** दर्ज किया गया। बोर्ड ने **₹1.50** प्रति शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है और एक नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की नियुक्ति भी की गई है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

Edelweiss Financial Services के FY26 नतीजे: मुनाफे में ज़बरदस्त उछाल

Edelweiss Financial Services लिमिटेड ने बीते फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने मुनाफे और रेवेन्यू दोनों में मजबूत ग्रोथ दर्ज की है।

आंकड़ों पर गौर करें तो, माइनॉरिटी इंटरेस्ट (MI) से पहले कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 27% की बढ़त के साथ ₹680 करोड़ रहा। पिछले फाइनेंशियल ईयर के मुकाबले यह एक बड़ा उछाल है। वहीं, कंपनी का कुल कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹10,865 करोड़ दर्ज किया गया।

माइनॉरिटी इंटरेस्ट के बाद, कंसोलिडेटेड PAT में 37% की ज़बरदस्त तेजी देखने को मिली और यह ₹547 करोड़ पर पहुंच गया।

शेयरधारकों को डिविडेंड का तोहफा

निवेशकों के लिए एक अच्छी खबर यह है कि कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ₹1.50 प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है। यह डिविडेंड, शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में बांटा जाएगा।

बोर्ड में हुए अहम बदलाव

बोर्ड स्तर पर भी कुछ महत्वपूर्ण नियुक्तियां और इस्तीफे हुए हैं। पूर्व IAS अधिकारी और गवर्नेंस के अनुभवी श्री राजीव जलोटा को एक नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त किया गया है। वहीं, व्यक्तिगत स्वास्थ्य कारणों के चलते श्री अशोक किनी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

कंपनी की रणनीति और भविष्य की राह

Edelweiss अब कैपिटल-लाइट, फी-ड्रिवन बिज़नेस मॉडल की ओर बढ़ रही है। इसका मतलब है कि कंपनी अपनी होलसेल क्रेडिट बुक को कम कर रही है और एसेट मैनेजमेंट, वेल्थ मैनेजमेंट और इंश्योरेंस जैसे क्षेत्रों से फी-आधारित आय बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। हाल के वर्षों में, कंपनी ने Nuvama Wealth Management में हिस्सेदारी बेचकर और होलसेल एक्सपोजर को घटाकर अपनी बैलेंस शीट को मजबूत किया है।

अतीत की चुनौतियां

यह ध्यान देने योग्य है कि Edelweiss को अतीत में कुछ रेगुलेटरी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने पहले Edelweiss Asset Reconstruction Company और ECL Finance को कुछ खास ट्रांजैक्शन से रोका था। SEBI ने भी AIF रेगुलेशन और एसेट मिसएलोकेशन को लेकर पेनल्टी लगाई थी।

मुख्य वित्तीय आंकड़े (31 मार्च 2026 तक)

  • कंपनी का नेट वर्थ: ₹5,944 करोड़
  • कंसोलिडेटेड नेट डेट: ₹10,430 करोड़
  • कंसोलिडेटेड लिक्विडिटी: ₹6,500 करोड़

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.