Devinsu Trading Limited ने हाल ही में अपनी एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EOGM) के बाद बोर्ड की ताकत बढ़ाई है। 27 अप्रैल 2026 को हुई इस मीटिंग में कुल छह शेयरधारकों ने हिस्सा लिया और कंपनी के बोर्ड में चार नए चेहरों को शामिल करने को मंजूरी दी।
इन नियुक्तियों के तहत, मुकेश कुमार बोथरा नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर, उमाकांत काशीनाथ बीजापुर और साहिल जैन इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर, जबकि डेनिस देसाई होल टाइम डायरेक्टर के रूप में बोर्ड का हिस्सा बने हैं। कंपनी फिलहाल स्क्रूटिनाइज़र की रिपोर्ट फाइनल होने और BSE को सूचित किए जाने के बाद आधिकारिक वोटिंग नतीजों का इंतजार कर रही है।
इस बोर्ड विस्तार का मुख्य उद्देश्य Devinsu Trading के कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत करना और कंपनी की रणनीतिक दिशा तय करने में विविध विशेषज्ञता लाना है।
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि डेनिस देसाई, जो अब होल टाइम डायरेक्टर बने हैं, दिसंबर 2025 से अतिरिक्त डायरेक्टर के तौर पर कंपनी से जुड़े हुए थे और उन्हें शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई है।
हाल के दिनों में कंपनी के नेतृत्व में अन्य बदलाव भी हुए हैं। इसी साल फरवरी 2026 की 28 तारीख को कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) और कंपनी सेक्रेटरी ने इस्तीफा दे दिया था।
Devinsu Trading ने हाल ही में पुष्टि की है कि वह SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट' मापदंडों को पूरा नहीं करती है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) में ₹1.89 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था। इस स्थिति के चलते कंपनी कुछ सख्त अनुपालन दायित्वों से मुक्त हो जाती है।
अब, शेयरधारकों को बोर्ड की निगरानी में सुधार और अनुभव की एक विस्तृत श्रृंखला की उम्मीद करनी चाहिए। नए डायरेक्टर्स से कंपनी की स्ट्रेटेजिक प्लानिंग और ऑपरेशनल मैनेजमेंट पर नए दृष्टिकोण मिलने की उम्मीद है। यह कदम कंपनी की गवर्नेंस स्ट्रक्चर को मजबूत करने और भविष्य के विकास की तैयारी पर फोकस को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए तत्काल ध्यान देने वाली बात स्क्रूटिनाइज़र की रिपोर्ट से अंतिम वोटिंग नतीजों की घोषणा होगी।
