शेयरधारकों का बड़ा फैसला
Dev Labtech Venture Ltd के निवेशकों ने कंपनी के भविष्य के लिए चार अहम प्रस्तावों पर अपनी मुहर लगा दी है। ये फैसले 31 मार्च से 29 अप्रैल 2026 तक चले पोस्टल बैलेट के ज़रिए लिए गए। इस वोटिंग में 8,863,222 वोट डाले गए, जो कंपनी के 74.71% आउटस्टैंडिंग शेयर्स का प्रतिनिधित्व करते हैं, और 834 शेयरधारकों की भागीदारी देखी गई।
इन प्रस्तावों में कंपनी के शेयर कैपिटल में ज़रूरी बदलाव, इक्विटी शेयर्स का सब-डिवीजन (स्टॉक स्प्लिट) और बोनस शेयर जारी करना शामिल है।
क्यों अहम हैं ये कदम?
ये कॉरपोरेट एक्शन कंपनी के वित्तीय ढांचे और बाज़ार की नज़रों में उसकी इमेज को बदलने में अहम भूमिका निभाएंगे।
- स्टॉक स्प्लिट (1:2): इसका मकसद शेयर की कीमत को कम करके इसे ज़्यादा से ज़्यादा निवेशकों के लिए सुलभ बनाना है, जिससे ट्रेडिंग लिक्विडिटी बढ़ सकती है।
- बोनस इशू (1:1): यह मौजूदा शेयरहोल्डर्स को बिना किसी अतिरिक्त निवेश के उनके शेयर की संख्या बढ़ाने का मौका देगा।
- ऑथोराइज्ड कैपिटल में बढ़ोतरी: कंपनी का ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल ₹15 करोड़ से बढ़कर ₹25 करोड़ कर दिया गया है, जो भविष्य में विस्तार और फंड जुटाने की गतिविधियों के लिए कंपनी को ज़्यादा वित्तीय सुविधा देगा।
क्या होगा शेयरहोल्डर्स पर असर?
- मौजूदा शेयरहोल्डर्स को 1:1 बोनस इशू के कारण अब ज़्यादा शेयर मिलेंगे।
- 1:2 स्टॉक स्प्लिट के बाद हर इक्विटी शेयर की फेस वैल्यू ₹10 से घटकर ₹5 हो जाएगी।
- कंपनी के पास अब ₹25 करोड़ का ऑथोराइज्ड कैपिटल होगा, जिससे उसे वित्तीय मोर्चे पर ज़्यादा मज़बूती मिलेगी।
आगे क्या?
अब कंपनी इन मंजूर किए गए कॉरपोरेट एक्शन्स को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ सकती है। निवेशक अब कंपनी द्वारा स्टॉक स्प्लिट और बोनस शेयर इशू को लागू करने की समय-सीमा पर बारीकी से नज़र रखेंगे।
