Butterfly इंवेस्टमेंट पर भारी मार, Crompton Greaves को हुआ ₹231 करोड़ का घाटा
Crompton Greaves Consumer Electricals ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹8,161.15 करोड़ रहा, लेकिन असाधारण खर्चों के कारण कंपनी ₹230.76 करोड़ के कंसोलिडेटेड नेट लॉस में चली गई।
घाटे के मुख्य कारण
इस भारी घाटे की सबसे बड़ी वजह Butterfly Gandhimathi Appliances Limited और उससे जुड़े ट्रेडमार्क्स में किए गए इंवेस्टमेंट पर ₹716.04 करोड़ का इंपेयरमेंट चार्ज (राइट-डाउन) रहा। इसके अलावा, नए लेबर कोड लागू होने से ₹20.04 करोड़ की अतिरिक्त देनदारी और वडोदरा प्लांट में रीस्ट्रक्चरिंग गतिविधियों के लिए ₹20.36 करोड़ का खर्च भी सामने आया है।
डिविडेंड और ऑडिटर की नियुक्ति
नेट लॉस के बावजूद, कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को ₹3 प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है। बोर्ड ने MSKA & Associates LLP को अगले पांच साल के लिए कंपनी का स्टेट्यूटरी ऑडिटर (Statutory Auditor) भी फिर से नियुक्त किया है।
Butterfly इंवेस्टमेंट पर बार-बार राइट-डाउन
यह पहली बार नहीं है जब Crompton Greaves ने Butterfly Gandhimathi इंवेस्टमेंट पर इतना बड़ा राइट-डाउन किया है। इससे पहले, FY24 की तीसरी तिमाही में भी कंपनी ने ₹692 करोड़ का राइट-डाउन दर्ज किया था, जो सब्सिडियरी के खराब प्रदर्शन और इंटीग्रेशन की दिक्कतों के कारण हुआ था। FY26 में ₹716.04 करोड़ का नया इंपेयरमेंट बताता है कि इन मुद्दों का समाधान अभी भी जारी है।
शेयरधारकों की मंजूरी और भविष्य की चिंताएं
शेयरधारकों को ₹3 प्रति शेयर के डिविडेंड को 7 अगस्त, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में मंजूरी देनी होगी। नए लेबर कोड के कारण कर्मचारी लाभों और लागतों पर पड़ने वाले वित्तीय प्रभाव पर निवेशकों की बारीक नजर रहेगी। Butterfly Gandhimathi के स्ट्रैटेजिक इंटीग्रेशन और उसके परफॉर्मेंस को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं, जो भविष्य में और राइट-डाउन का कारण बन सकती हैं।
इंडस्ट्री में Crompton की स्थिति
कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल सेक्टर की अन्य कंपनियां जैसे Havells India और V-Guard Industries आमतौर पर मजबूत प्रॉफिटेबिलिटी दिखाती हैं। ऐसे में Crompton Greaves का ₹230.76 करोड़ का शुद्ध घाटा इस इंडस्ट्री के लिए काफी असामान्य है।
