Investor Education and Protection Fund Authority (IEPFA) द्वारा शुरू किए गए 'सक्षम निveshak' अभियान में Comfort Fincap Ltd भी सक्रिय रूप से भाग ले रहा है। इस राष्ट्रव्यापी पहल का मुख्य उद्देश्य शेयरहोल्डर्स को उनकी KYC (Know Your Customer) जानकारी को अपडेट करने और किसी भी unpaid या unclaimed dividend को पाने में सुविधा प्रदान करना है। यह महत्वपूर्ण अभियान 1 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 9 जुलाई 2026 तक जारी रहेगा।
Comfort Fincap अपने शेयरहोल्डर्स से आग्रह कर रहा है कि वे अपनी PAN डिटेल्स, नॉमिनेशन की प्राथमिकताएं, वर्तमान संपर्क जानकारी और बैंक अकाउंट डिटेल्स जैसी ज़रूरी जानकारी को कंपनी या उसके रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफर एजेंट, Bigshare Services Pvt. Ltd. के पास जल्द से जल्द अपडेट कराएं। इन अपडेट्स को पूरा करने से यह सुनिश्चित होगा कि शेयरहोल्डर्स को भविष्य में मिलने वाले डिविडेंड और अन्य कॉरपोरेट फायदे सीधे और बिना किसी देरी के प्राप्त हो सकें।
यह अभियान शेयरहोल्डर्स के लिए एक सुनहरा अवसर है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उन्हें उनका वाजिब डिविडेंड मिले और उनकी संपर्क जानकारी भी अप-टू-डेट रहे। समय रहते यह कदम उठाकर, निवेशक अपने unclaimed funds को Investor Education and Protection Fund (IEPF) में ट्रांसफर होने से रोक सकते हैं, जहाँ से उन्हें वापस पाना एक अधिक जटिल प्रक्रिया बन सकती है।
'सक्षम निveshak' अभियान मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स (Ministry of Corporate Affairs) के तहत आने वाले IEPFA की एक नियमित पहल है, जिसका प्राथमिक लक्ष्य निवेशकों के बीच वित्तीय साक्षरता को बढ़ाना और देश भर में निवेशक संरक्षण के तंत्र को मजबूत करना है। Comfort Fincap पहले भी शेयरहोल्डर्स को unclaimed dividends, विशेष रूप से फाइनेंशियल ईयर 2017-18 के डिविडेंड और IEPF में ट्रांसफर होने वाले फंड्स के संबंध में सूचित कर चुका है। Hindalco Industries Limited और Tata Investment Corporation Limited जैसी अन्य प्रमुख कंपनियां भी इसी तरह की पहलों में शामिल हो चुकी हैं, जो unclaimed funds पर निवेशक जुड़ाव बढ़ाने के व्यापक नियामक प्रयास को दर्शाती हैं।
जो शेयरहोल्डर अभियान की अवधि के दौरान अपने डिटेल्स अपडेट करने या अपने लाभांश का दावा करने में विफल रहते हैं, उनके unpaid या unclaimed dividends को Investor Education and Protection Fund (IEPF) में ट्रांसफर कर दिया जाएगा, जिससे बाद में उन फंड्स को वापस पाना अधिक कठिन हो जाएगा।
