क्यों बंद हो रही है ट्रेडिंग विंडो?
सेबी (SEBI) के इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) नियमों का पालन करते हुए, Chrome Silicon Limited ने यह घोषणा की है। इसके तहत, 1 अप्रैल, 2026 से कंपनी के डायरेक्टर्स, कर्मचारी और उनके करीबी रिश्तेदार कंपनी के शेयर्स (Shares) में कोई भी खरीद-बिक्री नहीं कर पाएंगे। यह रोक कंपनी के चौथी तिमाही (Q4) और पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के वित्तीय नतीजों की घोषणा होने के 48 घंटे बाद तक जारी रहेगी। इस नियम का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी नॉन-पब्लिक जानकारी (non-public information) के आधार पर कोई भी ट्रेडिंग न हो सके, जिससे सभी निवेशकों के लिए एक समान अवसर बना रहे।
कंपनी के वित्तीय हालात चिंताजनक
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब Chrome Silicon लिमिटेड खुद गंभीर परिचालन (Operational) और वित्तीय चुनौतियों से जूझ रही है। कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग प्लांट पिछले साल मई 2025 से बंद पड़ा है। इसके पीछे बाजार के उतार-चढ़ाव को वजह बताया गया है, जिसने कंपनी की कमाई पर बड़ा असर डाला है।
दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही के लिए कंपनी ने ₹2.13 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया था। वहीं, चालू फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले नौ महीनों में यह कुल घाटा बढ़कर ₹7.28 करोड़ तक पहुँच गया है।
इसके अलावा, कंपनी धीमी सेल्स ग्रोथ, कम रिटर्न ऑन इक्विटी (Return on Equity), बड़ी कंटिंजेंट लायबिलिटीज (Contingent Liabilities) और इंटरेस्ट कैपिटलाइजेशन जैसी समस्याओं का भी सामना कर रही है। कंपनी को अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स (Ind AS 19) और अनकंफर्म्ड पार्टी बैलेंस के पालन में भी दिक्कतें आई हैं। 31 दिसंबर, 2025 तक पिछले बारह महीनों में कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) लगभग $702K था।
पीयर कंपैरिजन और आगे क्या?
मेटल्स और माइनिंग सेक्टर में काम करने वाली Chrome Silicon के मुकाबले Vedanta Ltd., Mishra Dhatu Nigam Ltd., Indian Metals & Ferro Alloys Ltd. और Maithan Alloys जैसी कंपनियां हैं। पिछले एक साल में Chrome Silicon का स्टॉक प्रदर्शन भारतीय मेटल्स और माइनिंग इंडस्ट्री के मुकाबले कमजोर रहा है।
निवेशकों को अब कंपनी के बोर्ड मीटिंग की तारीख का इंतजार रहेगा, जिसमें Q4 FY26 के नतीजे मंजूर किए जाएंगे। साथ ही, मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस को फिर से शुरू करने को लेकर कंपनी के मैनेजमेंट की ओर से किसी भी अपडेट पर भी नजरें रहेंगी।
